कोरोना वायरस (फाइल फोटो)
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सुरेश चंद बघेल के बड़े बेटे विवेक बघेल (14 वर्ष) ने बताया कि वह बोदला में रहते थे। परिवार में मां कमलेश के अलावा एक बड़ी बहन आसीन बघेल (16 वर्ष) और छोटी बहन पल्लवी (11 वर्ष) हैं। तीनों भाई-बहन शहर में ही पढ़ते थे। पिता की मौत के बाद परिवार अब खेरागढ़ के गांव चीत में रह रहा है। विवेक ने बताया कि 14 अप्रैल को पिताजी चुनाव ड्यूटी के लिए जा रहे थे तो मां ने कहा कि कोरोना फैला हुआ हैं, जरा संभल कर रहना। चुनाव ड्यूटी से लौटने पर उनको बुखार आ गया। दो दिन हमने डॉक्टर से दवा ली थी, तबियत ज्यादा खराब होने पर अस्पताल में ले गए, किसी जगह भर्ती नहीं किया गया। उनकी सांस उखड़ती गई और 25 अप्रैल को उन्होंने दम तोड़ दिया।