ढोलना थाना क्षेत्र के गांव बिलराम में आर्थिक तंगी से परेशान होकर आत्महत्या करने वाले युवक के मामले की जिला प्रशासन ने जांच की है। एडीएम स्तर से इस पूरे मामले की जांच की गई है और परिवार को आर्थिक सहायता प्रदान की गई है। आर्थिक तंगी और बेरोजगारी का मामला जांच में भी स्पष्ट हुआ है। मृतक युवक का भाई परिवार की देखभाल करने की जिम्मेदारी निभाता था। शासन को भी प्रशासन ने मामले में रिपोर्ट प्रेषित की है।
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विलाप करते परिजन
- फोटो : अमर उजाला
बिलराम निवासी युवक पूरन सिंह ने शुक्रवार रात आर्थिक तंगी और बेरोजगारी से तंग आकर नीम के पेड़ पर फांसी का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी। आर्थिक तंगी के कारण युवक अपने परिवार के पोषण की जिम्मेदारी नहीं निभा पा रहा था। उसके परिवार के सामने पेट की भूख मिटाने की भी समस्या थी। प्रशासन ने आनन फानन में आटा, दाल, चावल का इंतजाम किया। सहयोग और चंदे से युवक का अंतिम संस्कार किया गया।
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पूरन की मौत के बाद मिला राशन
- फोटो : अमर उजाला
डीएम ने एडीएम योगेंद्र कुमार को मामले की जांच सौंपी। जांच में सामने आया कि युवक की आर्थिक स्थिति काफी खराब थी। उसके पास कोई कृषि भूमि नहीं थी। वह मजदूरी करता था और अपने पैतृक आवास को भी एक साल पहले बेच चुका था।
आर्थिक तंगी से जूझ रहा पूरन दिल्ली में भी काम तलाशने गया, लेकिन वहां से भी खाली हाथ लौटा। इसके बाद परेशान होकर उसने आत्महत्या कर ली। बताया गया कि मृतक का छोटा भाई परिवार की देखभाल कर रहा था। प्रशासन की जांच में परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने की बात सही मानी गई है, लेकिन भुखमरी के कारण नकारा है।
जिलाधिकारी सीपी सिंह ने बताया कि परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण तत्कालिक सहायता के रूप में पचास किलो खाद्यान्न व अन्य खाद्य सामग्री परिवार को उपलब्ध करा दी गई। तत्कालिक आर्थिक सहायता के रूप में 10 हजार रुपये भी परिवार को उपलब्ध कराए गए हैं। परिवार को राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ, मृतक की पत्नी को विधवा पेंशन व अंत्योदय कार्ड उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। यह कार्रवाई प्रारंभ कर दी गई है।