आगरा के न्यू आजमपाड़ा में चमन मंसूरी के घर में धमाके की तीव्रता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि एक अंगुली कटकर 50 मीटर दूर जा गिरी, जबकि एक हाथ का पंजा 100 मीटर दूर गिरा था। इन्हें देखकर लोग भी दहशत में आ गए। बाद में पुलिस ने दोनों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम गृह भिजवाया। वहीं सड़क पार करके 50 मीटर दूर खड़े एक युवक को ईंट लगी। वह घायल हो गया।
फायर वर्क्स का काम करने वाले चमन मंसूरी छह भाई थे। इनमें चमन के अलावा शेरू, बिल्लू, शकील, सईद और अकील थे। बिल्लू को छोड़कर सभी भाई आजमपाड़ा में ही रहते हैं। घर की महिलाएं भी घायल हुई हैं। मगर, वह सामने नहीं आईं। टिन शेड और कमरे में बैठे चार लोगों की जान गई। मोहल्ले के गुलचमन शेरवानी, शाकिर उस्मानी ने बताया कि धमाका बहुत जबरदस्त था। चमन मंसूरी के घर के सामने रहने वाले अब्दुल मजीद के घर में कटी हुई अंगुली गिरी थी। जहां यह पड़ी थी, उसकी घटनास्थल से दूरी तकरीबन 50 मीटर है। वहीं गली में 100 मीटर की दूरी पर पंजा पड़ा था। इसे देखकर बच्चे और महिलाएं दहशत में आ गए थे।
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विस्फोट के बाद की तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
ईदगाह स्थित फायर स्टेशन से घटनास्थल की दूरी तकरीबन चार किलोमीटर की थी। दमकल सूचना मिलते ही घटनास्थल के लिए रवाना हो गईं। मगर, शाहगंज बाजार और कोठी मीना बाजार पर जाम लगा हुआ था। पंचकुइयां पर रूट परिवर्तन की वजह से इन रास्तों पर यातायात अधिक था। पुलिस को भी दमकलों को निकालने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। केदार नगर से लेकर शंकरगढ़ की पुलिया पर रविवार बाजार लगा था। इससे भी काफी दिक्कत हुई। तकरीबन 30 मिनट बाद दमकल आईं। मगर, गली होने की वजह से अंदर नहीं जा सकीं। बाद में पाइप बिछाकर घर पहुंचाया गया।
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पटाखा फैक्टरी में विस्फोट
- फोटो : अमर उजाला
लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ करते रहे अफसर
न्यू आजमपाड़ा में चमन मंसूरी के घर में अवैध गोदाम 13 साल से चल रहा था, वर्ष 2007 में धमाका हुआ था लेकिन जांच तक नहीं की गई। घनी आबादी में चल रहे अवैध गोदाम को बंद कर मुकदमा दर्ज कराने के बजाय अफसर रिपोर्ट देते रहे कि यहां कोई गोदाम नहीं है। धमाके के बाद गुस्से से भरे लोगों ने यहां तक कहा कि उन्होंने शिकायत भी की लेकिन सुनवाई नहीं हुई। एक महिला ने जोर से कहा कि अफसर सुन लेते तो धमाका न होता, वे लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ करते रहे।
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विस्फोट के बाद पड़ोसी की छत ढही, फ्रिज में जला
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न्यू आजमपाड़ा के लोगों ने बताया कि चमन मंसूरी के कई गोदाम हैं। लाइसेंस मिढ़ाकुर(मलपुरा) में गोदाम का ले रखा है, जबकि दुकान शाहगंज में है। चमन मंसूरी के इसी घर में वर्ष 2007 में भी आतिशबाजी में विस्फोट हुआ था। तब तीन लोग झुलस गए थे। मकान की छत उड़ गई थी। पुलिस पहुंची थी। मोहल्ले के लोगों ने गोदाम का विरोध किया था। इस पर पुलिस ने जांच की थी। मगर, कुछ ही दिन में फाइल दब गई। आज तक कार्रवाई नहीं हुई। यही वजह थी कि यह गोदाम फिर से शुरू हो गया।
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लोगों ने घरों से निकालकर बाहर रखे गैस सिलिंडर
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बस्ती में छह अवैध गोदाम हैं.... पुलिस देखे तो सही
पुलिस अफसरों के सामने ही लोगों ने कहा कि बस्ती में एक नहीं, पटाखों के छह अवैध गोदाम हैं। दिवाली नजदीक आते ही लोगों ने पटाखों का भंडारण कर लिया है। यह पहली बार नहीं है, हर बार ऐसा करते हैं। पुलिस के साथ अग्निशमन विभाग और एलआईयू तक ने कभी सुध नहीं ली।
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अस्पताल में घायल आसमां
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शासन ने आठ जुलाई को चेताया था... फिर भी नहीं की जांच
शासन के निर्देश के बावजूद पटाखों के अवैध गोदाम चलाने वालों पर आगरा पुलिस और प्रशासन ने कार्रवाई नहीं की। अब यह सवाल उठ रहा है कि इसकी क्या वजह रही? शासन ने आठ जुलाई को सभी डीएम-एसएसपी को पत्र लिखकर निर्देश दिए थे कि विस्फोटक पदार्थों को अवैध रूप से रखने, बनाने और प्रयोग करने वालों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जाए। एडीएम सिटी ने 10 जुलाई को इसे आगे बढ़ाते हुए अफसरों को जिम्मेदारी दे दी लेकिन जांच नहीं हुई। एडीएम सिटी डॉ. प्रभाकांत अवस्थी ने पांच अपर नगर मजिस्ट्रेट और छह उप जिला मजिस्ट्रेट को विस्फोटक गोदामों के सत्यापन के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए थे।
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जिलाधिकारी प्रभु एन सिंह
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डीएम ने कहा-क्या जांच हुई, नहीं बता सकता
तीन महीने पहले क्या जांच हुई, नहीं बता सकता। लाइसेंस के सत्यापन का रिकार्ड उपलब्ध नहीं है। घनी आबादी क्षेत्र में लाइसेंस लेने वालों का अब नवीनीकरण नहीं होगा। इनके लाइसेंस निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। -प्रभु एन सिंह, जिला मजिस्ट्रेट
लाइसेंस की होगी जांच - एसएसपी
चमन मंसूरी के पास लाइसेंस मलपुरा का है। इस पर घर में पटाखे रखे थे। लाइसेंस की जांच कराई जा रही है। इसका सत्यापन कब हुआ, किसने किया और यह कब तक के लिए मान्य है, इसे दिखवाया जा रहा है। जांच के बाद कार्रवाई होगी। - बबलू कुमार, एसएसपी