कासगंज जिले की थाना सिढ़पुरा पुलिस द्वारा किए गए फर्जी एनकाउंटर में मारे गए एटा के राजाराम के परिवार वालों ने अदालत के फैसले का सम्मान किया है। साथ ही यह भी कहा कि हमें तो दोषियों को फांसी की सजा दिए जाने की उम्मीद थी। परिजनों ने कहा कि जो हमारे साथ हुआ और किसी के साथ न हो। बता दें कि 16 साल पहले फर्नीचर कारीगर राजाराम की हत्या कर मुठभेड़ का रूप देने के मामले में सीबीआई कोर्ट ने पांच पुलिसकर्मियों को उम्रकैद और चार पुलिसकर्मियों को पांच-पांच साल कारावास की सजा सुनाई है। सभी नौ दोषियों को अर्थदंड भी लगाया गया। राजाराम के बड़े पुत्र मोहित ने बताया कि हम लोगों को पुलिसवालों को दोषी ठहराए जाने की जानकारी तक नहीं थी। बुधवार को अखबार में खबर पड़ी तो पता लगा। इसके बाद फैसले पर नजर रखे थे। हमें उम्मीद थी कि इस अमानवीय हत्याकांड के लिए सभी पुलिसकर्मियों को फांसी की सजा दी जाएगी। हालांकि ऐसा नहीं हुआ, लेकिन अदालत के फैसले से संतुष्ट हैं।