फिरोजाबाद में दो बदमाशों को ढेर कर दिया गया। ये बदमाश ट्रेन से कूदकर भागे थे। इन्होंने बच्चे को ढाल बनाया था। बदमाशों की फायरिंग में दो एसओजी जवान घायल हो गए थे। दोनों बदमाश झारखंड जा रहे थे।
फिरोजाबाद पुलिस और इटावा जिले की एसओजी व सर्विलांस टीम ने शुक्रवार को झारखंड भाग रहे 25-25 हजार के दो इनामी बदमाशों को मार गिराया। मारे गए बदमाशों की पहचान सुमित यादव उर्फ विवेक निवासी नगला हरनाथ सैफई, इटावा और अंकित उर्फ सीपू निवासी मोतीगंज, भरथना, इटावा के रूप में हुई है। मुठभेड़ के दौरान बदमाशों की फायरिंग में इटावा एसओजी टीम के दो सिपाही भी गंभीर रूप से घायल हो गए।
पुलिस के अनुसार, बीती 3 जुलाई को थाना इकदिल क्षेत्र की फ्रेंड्स कॉलोनी में एक डॉक्टर से दिनदहाड़े चेन की लूट हुई थी। इस घटना में फरार अंकित और थाना चौबिया के एक अन्य लूट मामले में फरार सुमित यादव के संबंध में इटावा पुलिस को इनपुट मिला था कि दोनों गाजियाबाद से संभलपुर एक्सप्रेस से झारखंड भाग रहे हैं।
घटना की गंभीरता को देखते हुए एडीजी आगरा जोन एसके भगत, डीआईजी आगरा शैलेश कुमार पांडेय, डीआईजी कानपुर परिक्षेत्र यमुना प्रसाद, एसएसपी फिरोजाबाद आदित्य लांग्हे और एसएसपी इटावा बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचकर मुआयना किया।
बाइक छीन भागे, पेट्रोल हो गया खत्म
इटावा की एसओजी-सर्विलांस टीम शिकोहाबाद रेलवे स्टेशन पहुंची। सुबह करीब 11 बजे जैसे ही स्टेशन पर ट्रेन रुकी, पुलिस को देखकर दोनों बदमाशों ने ट्रेन से छलांग लगाकर फायरिंग शुरू कर दी। इस दौरान एक गोली एसओजी के सिपाही डेविड चौहान निवासी उम्मेदपुर, सकीट एटा के पेट में जा लगी और दूसरी गोली सिपाही पुष्पेंद्र के दाहिने कंधे को चीरती हुई निकल गई।
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दहशत में आए लोग।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
घायल होने के बाद भी पुलिस ने बदमाशों का पीछा जारी रखा। स्टेशन से भागकर बदमाशों ने स्वामी नगर के पास एक राजमिस्त्री से हथियार के बल पर बाइक लूटी लेकिन कुछ ही दूरी पर बाइक का पेट्रोल खत्म हो गया।
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फिरोजाबाद मुठभेड़।
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बच्चे की आड़ लेकर पुलिस पर फायरिंग
पेट्रोल होते ही बदमाश भागते हुए प्राथमिक विद्यालय नीम खेरिया की बाउंड्रीवाल लांघकर भीतर घुस गए और वहां एक मासूम बच्चे को बंधक बनाकर उसकी आड़ से पुलिस पर फायरिंग करने लगे। पुलिस ने पहले बच्चे को मुक्त कराया। इसके बाद घबराए बदमाश अलग-अलग दिशाओं में भागे।
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मुठभेड़ में घायल पुलिसकर्मी।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
एसओजी इटावा ने पहली घेराबंदी कर नीम खेरिया के एक चरी के खेत में अंकित उर्फ सीपू को मार गिराया। वहीं, दूसरी तरफ भाग रहे सुमित यादव को शिकोहाबाद पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम ने नगला कनही गांव के एक खेत में मुठभेड़ के दौरान ढेर कर दिया।
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मुठभेड़ में घायल पुलिसकर्मी।
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अपराध जगत में खौफ था: एडीजी
बदमाश सुमित यादव उर्फ विवेक की सैफई थाने में हिस्ट्रीशीट खुली है। इसके खिलाफ लूट, डकैती, जानलेवा हमला और गैंगस्टर एक्ट सहित 26 मुकदमे दर्ज थे। वहीं, अंकित उर्फ सीपू निवासी मोतीगंज, भरथना, इटावा के खिलाफ डकैती प्रभावित क्षेत्र अधिनियम के अलावा आर्म्स एक्ट और लूट के कई मामले दर्ज थे। दोनों फिरोजाबाद-इटावा पुलिस के संयुक्त ऑपरेशन में हुई मुठभेड़ के दौरान मारे गए। मुठभेड़ में दो एसओजी सिपाही भी घायल हैं। आगरा में उनका उपचार चल रहा है। एसके भगतए एडीजी आगरा जोन
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शिकोहाबाद मुठभेड़
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
एनकाउंटर में ढेर सुमित के बाबा थे फौज में
मुठभेड़ में मारे गए शातिर अपराधी सुमित के परिवार का इतिहास बिल्कुल अलग रहा है। सुमित के बाबा मोहर सिंह फौज में रहकर देश की सेवा कर चुके हैं। वहीं, सुमित स्वयं भी गांव में रहकर खेती-बाड़ी का काम संभालता था, लेकिन बाद में वह जरायम की दुनिया में उतर गया। परिजन के अनुसार, सुमित के पिता की मौत करीब दस वर्ष पहले हो चुकी है।
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इसी स्कूल परिसर में घुसे थे बदमाश।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
वह दो भाइयों और एक बहन में दूसरे नंबर का था। पोस्टमार्टम हाउस पर शुक्रवार रात करीब 10 बजे पहुंचे सुमित के मामा आदेश, मां सरोज देवी उर्फ कुमकुम और चचेरे भाई आशीष ने बताया कि वह पिछले दो महीने से घर नहीं आया था और परिवार से अलग रह रहा था। परिजनों को भी अंदाजा नहीं था कि वह इतनी बड़ी आपराधिक वारदात में शामिल हो चुका है।
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खेत में घेराबंदी किए पुलिसकर्मी।
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अंकित की 9वीं के बाद बिगड़ी संगत, हिस्सा बेचकर 3 साल पहले ही छोड़ दिया था घर
मुठभेड़ में ढेर हुए 25 हजार के इनामी बदमाश अंकित उर्फ सीपू के बारे में उसके सगे भाई दीपचंद ने अतीत और परिवार से उसके टूटे रिश्तों की दास्तां बयां की। भाई दीपचंद के अनुसार, अंकित पिछले तीन साल से घर से पूरी तरह बाहर था और उसका परिवार से कोई वास्ता नहीं था। करीब तीन साल पहले उसने परिवार से जबरन अपने हिस्से की जायदाद मांग ली थी। हिस्सा मिलने के बाद उसने जमीन-जायदाद को औने-पौने दामों में बेच दिया और सारे पैसे उड़ा दिए।
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मुठभेड़ में ढेर बदमाश।
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माता-पिता की पहले ही हो चुकी है मौत, तीन भाइयों में सबसे छोटा था
दीपचंद ने बताया कि अंकित ने सिर्फ कक्षा 9वीं तक ही पढ़ाई की थी, इसके बाद उसकी संगत खराब हो गई और वह जरायम की दुनिया के लोगों के संपर्क में आ गया। परिवार में कुल तीन भाई हैं, जिनमें अंकित सबसे छोटा था। उनके माता-पिता की मृत्यु काफी समय पहले ही हो चुकी है। अंकित ने अपराध का जो रास्ता चुना, उसका अंत आखिरकार पुलिस एनकाउंटर की शक्ल में हुआ।
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माैके पर पहुंचे आला अधिकारी।
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रेल सुरक्षा पर बड़ा सवाल, गाजियाबाद स्टेशन से हथियार लेकर कैसे चढ़े बदमाश
इस सनसनीखेज वारदात ने रेलवे की त्रिस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सवाल यह उठ रहा है कि आखिर अपराधी 32 बोर की पिस्टल, तीन तमंचे और भारी मात्रा में कारतूस जैसा खतरनाक जखीरा लेकर गाजियाबाद जैसे अति-व्यस्त स्टेशन से ट्रेन में सवार कैसे हो गए। स्टेशन पर लगी मेटल डिटेक्टर मशीनें, आरपीएफ और जीआरपी की चेकिंग टीमें इस भारी लापरवाही के बाद कटघरे में हैं। अगर ट्रेन के भीतर कोई बड़ी अनहोनी हो जाती, तो इसका जिम्मेदार कौन होता।
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माैके पर जांच करते अफसर।
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पुलिस पर चलाईं 20 से ज्यादा गोलियां
अपराधियों ने पुलिस पर किए 20 राउंड से अधिक फायर, एक पिस्टल व तीन तमंचे बरामद मुठभेड़ के बाद पुलिस ने फरार बदमाशों के पास से एक 32 बोर की पिस्टल, भारी मात्रा में उसके कारतूस, 315 बोर के तीन तमंचे और कारतूसों को बरामद किया है। शुरुआती जांच में यह सामने आया है कि अपराधियों ने पुलिस टीम पर करीब 20 राउंड ताबड़तोड़ फायरिंग की। पुलिस ने बरामद हथियारों को कब्जे में लेकर जांच तेज कर दी है। इनकी बैलेस्टिक जांच आगरा एफएसएल से कराई जाएगी।
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शिकोहाबाद में पुलिस मुठभेड़ में ढेर बदमाश सुमित और अंकित।
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देर शाम तक नहीं आए बदमाशों के परिजन
फिरोजाबाद के शिकोहाबाद एनकाउंटर में मारे गए दोनों बदमाशों अंकित उर्फ सीपू और सुमित यादव के शवों को मेडिकल कॉलेज की मोर्चरी में रखवाया गया। लेकिन शुक्रवार देर शाम 8.30 बजे तक दोनों में से किसी भी बदमाश के परिजन या रिश्तेदार मोर्चरी पर शव लेने या शिनाख्त की कागजी कार्रवाई पूरी करने नहीं पहुंचे।
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फिरोजाबाद मुठभेड़।
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मुठभेड़ की खबर और बदमाशों की पहचान होने के बाद पुलिस प्रशासन ने उनके गृह जनपद और संबंधित थानों के जरिए परिजनों को सूचना भिजवा दी थी। पुलिस की टीमें लगातार उनके पैतृक आवास और संभावित ठिकानों पर संपर्क साधने का प्रयास करती रही।
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मुठभेड़ में घायल सिपाही।
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दरअसल, कानूनी नियमों के अनुसार, एनकाउंटर के मामलों में परिजनों की मौजूदगी या उनकी लिखित सहमति और मजिस्ट्रेट की निगरानी के बिना पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू नहीं की जा सकती। परिजनों के न आने के कारण देर शाम तक शवों का पोस्टमार्टम नहीं हो सका।
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फिरोजाबाद मुठभेड़।
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तीन प्राथमिकी दर्ज, होगी मजिस्ट्रेट जांच और फोरेंसिक जांच
शिकोहाबाद में हुए सनसनीखेज दोहरे एनकाउंटर के बाद कानूनी और कागजी प्रक्रिया तेज हो गई है। शुक्रवार देर रात शिकोहाबाद थाने में बदमाशों के खिलाफ तीन अलग-अलग गंभीर प्राथमिकियां दर्ज की गईं। पहली प्राथमिकी पुलिस पर जानलेवा हमले के आरोप में हुई है।
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फिरोजाबाद मुठभेड़।
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दूसरी प्राथमिकी स्वामी नगर के पास मकान बना रहे राजमिस्त्री गोरेलाल से हथियार के बल पर काले रंग की पैशन-प्रो बाइक लूटने और तीसरी प्राथमिकी प्राथमिक विद्यालय नीम खेरिया में घुसकर स्कूल ड्रेस में मौजूद एक मासूम बच्चे को बंधक बनाकर उसकी जान जोखिम में डालने के मामले में दर्ज की गई है।
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फिरोजाबाद मुठभेड़।
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इस मुठभेड़ के बाद अब मानवाधिकार आयोग और पुलिस महानिदेशक के दिशा-निर्देशों के तहत मजिस्ट्रेट जांच कराई जाएगी। पुलिस प्रशासन द्वारा घटना की विस्तृत रिपोर्ट फिरोजाबाद डीएम को भेजी जा रही है, जिसके बाद डीएम जांच के आदेश जारी कर किसी वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी को जांच अधिकारी नियुक्त करेंगे।
शिकोहाबाद में पुलिस मुठभेड़ में ढेर बदमाश सुमित और अंकित।
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उधर, इस बड़े एनकाउंटर की गूंज लखनऊ में डीजीपी मुख्यालय तक पहुंची, जहाँ डीजीपी ने फिरोजाबाद व इटावा के कप्तानों से पल-पल की जानकारी ली और एसओजी तथा सर्विलांस टीम के साहस की सराहना की। दूसरी तरफ, फोरेंसिक विभाग की फील्ड यूनिट ने नीम खेरिया के चरी के खेतों, नगला कनही और स्कूल परिसर से गोलियों के खोखे तथा मोटरसाइकिल व दीवारों से फिंगरप्रिंट्स जैसे वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए हैं, जिन्हें जांच के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) भेजा जाएगा।