कैंट स्टेशन पर उप स्टेशन प्रबंधक नरेंद्र सिंह चाहर से मारपीट के मामले में उनकी पत्नी हरेंद्री सिंह डीआरएम आवास पहुंच गईं और दोषी आरपीएफ कर्मियों से सार्वजनिक माफी की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि आरोपियों ने घुटनों के बल बैठकर माफी नहीं मांगी तो वह आत्महत्या करने को मजबूर होंगी।
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रेलवे अधिकारी की पिटाई
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
आगरा कैंट स्टेशन पर उप स्टेशन प्रबंधक नरेंद्र सिंह चाहर से मारपीट के मामले में रविवार शाम नया मोड़ आ गया। नरेंद्र सिंह चाहर की पत्नी हरेंद्री सिंह डीआरएम आवास पहुंचीं और दोषी आरपीएफ कर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने उनके पति का सार्वजनिक रूप से अपमान किया है, वे उसी स्थान पर घुटनों के बल बैठकर माफी मांगें। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ऐसा नहीं हुआ तो वह आत्महत्या करने को मजबूर होंगी।
इस दौरान डीआरएम आवास पर काफी देर तक हंगामे की स्थिति बनी रही। मौके पर मौजूद आरपीएफ जवानों ने उन्हें अंदर जाने से रोकने का प्रयास किया गया, जिस पर वहां मौजूद सांसद राजकुमार चाहर ने नाराजगी जताते हुए जवानों को फटकार लगाई। पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वहीं, रेलवे कर्मचारियों में घटना को लेकर आक्रोश बना हुआ है।
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जांच में आरोप सही मिले तो आरपीएफ कर्मियों पर लग सकती है मेजर पेनल्टी
कैंट स्टेशन पर उप स्टेशन प्रबंधक नरेंद्र सिंह चाहर से मारपीट के मामले में गठित जांच समिति की रिपोर्ट के बाद दोषी पाए जाने वाले आरपीएफ कर्मियों पर विभागीय स्तर पर मेजर पेनल्टी की कार्रवाई हो सकती है। सूत्रों के अनुसार, एएसआई मेघराज मीणा, बालकिशन तथा सिपाही जितेंद्र कुमार और बदन सिंह के खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई पर विचार किया जा सकता है।
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रेलवे अधिकारी की पिटाई
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विभागीय नियमों के तहत मेजर पेनल्टी में एएसआई को पदावनत कर उन्हें कांस्टेबल बनाया जा सकता है। वहीं कांस्टेबलों का वेतन स्तर (पे-ग्रेड) कम करने जैसी कार्रवाई भी संभव है। हालांकि अंतिम निर्णय जांच समिति की रिपोर्ट और सक्षम अधिकारी की स्वीकृति के बाद ही लिया जाएगा। फिलहाल सभी संबंधित कर्मियों को निलंबित कर मामले की विभागीय जांच जारी है।
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एसपी जीआरपी से की बाहरी लोगों पर कार्रवाई की मांग
डीएसएस से मारपीट के मामले में सोमवार को उत्तर मध्य रेलवे कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों ने एसपी जीआरपी अनिल कुमार झा को ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच की मांग की। साथ ही प्रकरण में शामिल रहे बाहरी व्यक्तियों को सीसीटीवी व मोबाइल फुटेज के माध्यम से चिह्नित कर कार्रवाई करने को कहा। पदाधिकारियों का कहना है कि परिसर में बाहरी व्यक्तियों ने जिस तरह आरपीएफ कर्मियों के साथ मिलकर घसीटा, उससे साफ है कि दोनों पक्षों की मिलीभगत है। पीड़ित डिप्टी एसएस का पहचान पत्र, नकदी व अन्य सामान भी बरामद कराया जाए। कर्मचारी संघ के मंडल मंत्री बंशी बदन झा ने रेलवे प्रशासन से आगरा मंडल के सभी रेलवे स्टेशनों पर बाहरी व्यक्तियों के अनधिकृत प्रवेश पर प्रभावी रोक लगाने की भी मांग की।
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सांसद चाहर बोले, सरकार की छवि नहीं होने देंगे धूमल
इस घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद सांसद राजकुमार चाहर भी डीआरएम से मिलने पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने आरपीएफ के अधिकारियों और हीलाहवाली कर रहे रेलवे अधिकारियों को फटकार लगाई थी। चाहर ने कहा कि प्रकरण में निष्पक्ष जांच के लिए कहा गया है। ऐसी घटना से सरकार की छवि धूमिल होती है। ऐसे में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के लिए अफसरों को निर्देश दिए हैं।
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ये है मामला
रविवार सुबह 10:51 बजे अमृतसर से विशाखापत्तनम जा रही हीराकुंड एक्सप्रेस आगरा कैंट के प्लेटफॉर्म नंबर एक पर आकर रुकी। इसी दौरान एक महिला यात्री पेठा खरीदने के लिए प्लेटफॉर्म पर उतर गईं। खरीदारी में देरी होने पर ट्रेन चलने लगी। महिला ने दौड़कर ट्रेन पकड़ने का प्रयास किया तो जोखिम देखते हुए प्लेटफॉर्म पर मौजूद स्टेशन उपाधीक्षक नरेंद्र सिंह चाहर ने गार्ड को सूचना देकर ट्रेन रुकवा दी। हालांकि आरपीएफ कर्मियों ने चेन पुलिंग समझकर महिला यात्री और उसके साथी को पकड़ लिया। डीएसएस ने समझाने का प्रयास किया लेकिन कर्मी उनसे ही उलझ गए। विवाद के बाद चाहर को जमकर पीटा और लपकों के साथ मिलकर घसीटते हुए आरपीएफ पोस्ट ले गए। हंगामे और विवाद के बाद रेलवे ने दो एएसआई समेत चार आरपीएफ कर्मियों को निलंबित कर दिया। वहीं, जीआरपी ने चारों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर कर ली।