अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) में भड़काऊ भाषण देने के मुकदमे में आरोपी डॉक्टर कफील को अलीगढ़ जेल से मथुरा जिला कारागार में शिफ्ट किया गया है। अलीगढ़ में तनावपूर्ण हालात को देखते हुए पुलिस ने यह फैसला लिया है। शुक्रवार को यह गतिविधि आनन-फानन में निपटाई गई, जिसकी किसी को भनक तक नहीं लगी।
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जिला कारागार मथुरा
डॉ. कफील खान को शुक्रवार शाम अलीगढ़ लेकर पहुंची पुलिस ने रिमांड मिजिस्ट्रेट के समक्ष पेशी के बाद तत्काल जिला कारागार में दाखिल कर दिया। मगर शहर और एएमयू के तनावपूर्ण मौहाल को देखते हुए प्रशासनिक आधार पर घंटे भर में उसे जिला जेल से मथुरा जिला कारागार ट्रांसफर कर दिया गया।
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डॉ कफील खान
- फोटो : अमर उजाला
यह सब आनन-फानन में निपटाया गया कि किसी को भनक तक नहीं लगी। डॉ. कफील के अलीगढ़ आने पर और यहां से मथुरा रवाना किए जाने के बाद ही पुलिस प्रशासनिक खेमे ने राहत की सांस ली। अंदेशा था कि कहीं खबर फैलते ही उसके समर्थकों की भीड़ घेराबंदी न कर दे। बता दें कि मुंबई में गिरफ्तार हुए डॉ. कफील को ट्रांजिट रिमांड पर अलीगढ़ पुलिस लेकर आई थीं।
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डॉक्टर कफील खान (फाइल फोटो)
- फोटो : Twitter
एएमयू में नागरिकता संशोधन कानून (सीएए), राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) और राष्ट्रीय जनगणना रजिस्ट्रर (एनपीआर) के विरोध में स्वराज इंडिया मूवमेंट के अध्यक्ष योगेंद्र यादव के साथ डॉ कफील को 12 दिसंबर यहां छात्रों के बीच पहुंचे थे। यहां डॉ. कफील ने भड़काऊ बयानबाजी की थी।
डॉ कफील वर्ष 2017 में तब सुर्खियों में आए जब गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन की कमी के कारण कई बच्चों की मौत हो गई थी। उस वक्त कफील बीआरडी अस्पताल में वॉर्ड सुपरिंटेंडेंट थे। इस मामले में आरोपी डॉ. कफील को यूपी एसटीएफ ने लखनऊ से गिरफ्तार किया था।