यमुना को बचाने की अलख जगाने के लिए साधु-संत और श्रद्धालु शनिवार से बटेश्वर में घूमेंगे। शुक्रवार को पश्चिम बंगाल से पहुंचे साधु संतों की राधे-राधे के कीर्तन से बटेश्वर गूंज उठा है।
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बटेश्वर
- फोटो : अमर उजाला
महंत सियाराम दास महाराज के बटेश्वर स्थिति आश्रम पर बने राधा-कृष्ण मंदिर पर दिन भर भजन कीर्तन का दौर चल रहा है। शुक्रवार को पश्चिम बंगाल से पहुंचे साधु-संत बटेश्वर के घाट पर यमुना की दुर्दशा को देखकर व्यथित हो उठे। नाले की शक्ल में बह रही यमुना का दर्द उनकी आंखों में छलक पड़ा। अब तक सरकारी प्रयास न होने पर नाराजगी जाहिर की।
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यमुना को बचाने की अलख जगाने के लिए पहुंचा जत्था
- फोटो : अमर उजाला
संत सियाराम दास महाराज ने बताया कि पदयात्रा के दौरान यमुना बचाने के अलावा ब्रज की उपेक्षित पड़ी धरोहर को सहेजने के लिए भी साधु-संत अपनी आवाज बुलंद करेंगे। शुक्रवार को बटेश्वर तथा आसपास के इलाके के लोगों को मुहिम से जोड़ने के लिए घूमेंगे। यहां की उपेक्षित पड़ी विरासत को भी देखेंगे।
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बटेश्वर
- फोटो : अमर उजाला
नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) को लेकर सुर्खियों में रहा पश्चिम बंगाल से बटेश्वर पहुंचे साधु और संतों का मानना है कि मोदी ने अच्छा काम किया है। बांग्लादेश से भागे लोगों को नागरिकता मिलनी चाहिए।
मिदनापुर की कल्पना मंडल ने बताया कि मोदी ने अच्छा किया है। हमारे लिए घर बनवाया है। नागरिकता का काम भी बुरा नहीं है। मिदनापुर के ही जगदीश मंडल ने बताया कि बांग्लादेश से आने वाले शरणार्थियों को नागरिकता मिलनी चाहिए। कानून से किसी की नागरिकता नहीं छिन रही। उत्तर 24 परगना कोलकाता की चोपाला ने बताया कि किसी को देश से निकाला नहीं जाना चाहिए। राजारामपुर महिसाल की बिजौली दास ने बताया कि मोदी ने पश्चिम बंगाल के लिए अच्छा काम किया है।