शमसाबाद (आगरा) सराफ मुकलेश गुप्ता और उनकी पत्नी लता की हत्या में मौका ए वारदात को देखकर यह भी साफ हो गया है कि बदमाश पूरी तैयारी के साथ आए थे। उन्होंने दंपती की चीखों को दबाने के लिए टीवी की आवाज तेज कर दी। अलमारी की चाबी लेने के लिए सराफ को करंट लगाया। माना जा रहा है कि बदमाश सराफ के पीछे ही घर में दाखिल हो गए। हैरानी की बात यह है कि बदमाश सराफ की रिवॉल्वर लूट गए लेकिन बंदूक छोड़ गए। दो किलो सोना भी अलमारी में ही रह गया। पढ़िए हत्याकांड की पूरी रिपोर्ट...
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घटनास्थल पर एसएसपी बबलू कुमार व मृतक के परिजन
- फोटो : अमर उजाला
आगरा के शमसाबाद कस्बे में घनी आबादी के बीच बने मकान में रहने वाले सर्राफा कारोवारी मुकलेश गुप्ता (62) और उनकी पत्नी लता गुप्ता (58) की सोमवार रात बदमाशों ने निर्ममता से हत्या कर दी। मंगलवार की सुबह दोनों के शव कमरे में पड़े मिले। बदमाशों ने पत्नी की गला दबाकर मारा गया। वहीं पति के हाथ-पैर तार से बांधकर टेप चिपकाकर करंट लगाकर हत्या की गई। घटना की जानकारी सुबह तब हुई, जब कामवाली आई। उसने दूसरे मकान में रहने वाले उनके चाचा को जानकारी दी। सूचना पर थाना पुलिस पहुंची।
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मुकलेश (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
मुकलेश की तबीयत कुछ दिनों से ठीक नहीं थी। उन्होंने चार दिन बाद सोमवार को दुकान खोली थी। दुकान से नौकर सुधीर के साथ आए। सुधीर पीछे बैठा था। एक्टिवा मुकलेश चलाकर लाए। घर छोड़कर सुधीर चला गया। इसके बाद मुकलेश मंदिर गए। साढ़े सात बजे मेडिकल स्टोर वाले से बात की। आठ बजे दूधवाले दो भाई सोनू मोनू दूध लेकर आए।
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बदमाशों ने पैर में बांधा करंट का तार
- फोटो : अमर उजाला
उन्होंने बताया कि लता के घुटनों में तकलीफ थी, वह दूध लेने नीचे नहीं आती थीं। ऊपर से रस्सी या कपड़ा लटता देती थी, वे इसी से दूध भरी डोलची बांध देते थे। अगर वह उसकी आवाज सुनकर छज्जे पर नहीं आती थीं, तो वे ऊपर कमरे के बाहर दूध रखकर चला आता थे। सोमवार को भी ऐसा ही किया। लगभग आठ बजे थे। टीवी की आवाज बहुत तेज थी। पुलिस का मानना है कि मुकलेश जब मंदिर से लौटे, तभी बदमाश पीछे पीछे आ गए। ऐसा माना जा रहा है कि उन्होंने लूटपाट का विरोध किया होगा तो उनके हाथ पैर बांध दिए गए होंगे। अलमारी की चाबी नहीं दे रहे होंगे तो उन्हें करंट लगाया गया होगा।
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मौके पर पहुंचा डॉग स्क्वैड
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस को दोहरे हत्याकांड में परिचिति का हाथ होने का शक इसलिए भी है क्योंकि बदमाश कैमरों की डीवीआर ले गए। इससे माना जा रहा है कि उन्हें अपनी पहचान हो जाने का डर था। दंपती की हत्या करने की वजह भी यही मानी जा रही है कि सराफ ने किसी को पहचान लिया होगा। हालांकि रहस्य से पर्दा तो तभी उठेगा जब बदमाश हाथ आएंगे। पुलिस के शक की सुई धौलपुर, राजाखेड़ा और पिनाहट के गिरोहों पर है। ये स्थान नजदीक हैं। यहां के बदमाश पहले बड़ी वारदात करते रहे हैं। इनके घरों में मंगलवार रात को दबिश दी गई। डॉग स्कवैड घर में घूमकर गली में गया और इसकेबाद वापस आ गया। वह कहीं भी रुका नहीं। इस कारण उससे कोई सुराग हासिल नहीं हो सका। फील्ड यूनिट ने तार, तेज से फिंगर प्रिंट लिए।
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मौके पर पहुंचे लोग
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस की टीमें अलग-अलग बिंदुओं पर काम कर रही हैं। एक टीम यह मालूम करने में लगी है कि क्या सराफ का कोई कुछ दिनों से पीछा कर रहा था? बदमाशों को इसकी जानकारी थी कि सराफ दुकान से कैश और जेवरात घर ले जाते हैं। उन्हें इसकी भी जानकारी थी कि घर में दंपती के सिवाय कोई और नहीं होता है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दोनों की हत्या के बीच समय का अंतर नहीं आया है। पांच - दस मिनट केभीतर ही दोनों की जान ली गई।
दोहरे हत्याकांड के बाद मौके पर पहुंचे एडीजी व आईजी आगरा
- फोटो : अमर उजाला
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दंपकी की मृत्यु का कारण का कारण गला घोंटा जाना आया है। दोनों को एक ही तरीके से मारा गया। मौके पर प्रेस का तार, बेल्ट पड़े थे। माना जा रहा है कि इनसे ही गला घोटा गया।