आगरा के बटेश्वर में यमुना घाटों पर दिवाली की पूर्व संध्या पर अयोध्या जैसा अद्भुत नजारा दिखा। 21000 दीयों की रोशनी से 101 शिव मंदिर शृंखला के घाट जगमगा उठे। लंका विजय के बाद अयोध्या लौटे राम के रास्ते का दीपकों से बना खूबसूरत दृश्य देखने वाले आश्चर्य चकित रह गए।
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दीयों की रोशनी में झिलमिलाए यमुना घाट
- फोटो : अमर उजाला
शनिवार की शाम जैसे ही घड़ी की सुइयों ने शाम के छह बजने का संकेत किया। शिव मंदिर शृंखला का आचमन कर बहती यमुना नदी के घाट 21000 से ज्यादा दीयों से झिलमिला उठे। समाजसेवी घनश्याम भारतीय के नेतृत्व में उनकी टीम, एनजीओ व्हाइट वॉलेंटियर्स , मेक ए डिफरेंस, एंग्री यूथ आदि संगठन, सोशल मीडिया के जलेबी ग्रुप के प्रयास को देखकर लोग रोमांचित हो उठे।
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दीयों की रोशनी में झिलमिलाएं यमुना घाट
- फोटो : अमर उजाला
यमुना घाटों के साथ ही यमुना की लहरें भी दीपों की रोशनी से झिलमिला उठीं। हजारों लोग इस ऐतिहासिक पल के गवाह बने। शहीदों के परिजनों ने भी देशभक्ति के दीये जलाये। ब्रज की काशी बटेश्वर धाम की आकृति में दमकते दीये देख लोगों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा।
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दीया जलाते लोग
- फोटो : अमर उजाला
दीपकों से जगमगाई राम की अयोध्या वापसी की राह की तस्वीरें लोगों की आंखों में बस गईं। कार्यक्रम में पहुंचे पूर्व मंत्री अरिदमन सिंह, कांग्रेस जिलाध्यक्ष मनोज दीक्षित, सुधीर दुबे आदि ने आयोजन की सराहना की। घनश्याम भारतीय ने बताया कि धर्म की नगरी बटेश्वर में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए यह आयोजन किया गया।
बनारस की तर्ज पर बटेश्वर के घाट पर यमुना का यशोगान हुआ। इस दौरान आस्था और भक्ति का अनूठा संगम देखने को मिला। शनिवार की शाम 7 बजते ही महाआरती के लिए यमुना का पूजन हुआ। उसके बाद भोले की स्तुति की गई। अंबे मां का गुणगान किया गया। पुजारी अशोक गोस्वामी, राकेश बाजपेयी, रंजीत गोस्वामी ने महाआरती की। इसमें हजारों लोग शामिल रहे।