उत्तर प्रदेश के आगरा में शाहगंज के शिव नगर, राधे वाली गली, नगला पुलिया की गलियों में रोज सुबह से दोपहर तक दो फुट तक सीवर का कर्फ्यू लगता है। घरों से निकलना दूभर होता है। यह गंदा पानी आसपास की ऊंची गलियों से आकर भरता है। निकासी के लिए बनाया जा रहा नाला भी अधूरा है। ऐसे में इलाके की करीब 40 हजार की आबादी परेशान है। मुख्यमंत्री पोर्टल पर दो बार शिकायत के बाद भी समाधान नहीं हो सका है। शाहगंज में शिव नगर इलाके में राधे वाली गली, बर वाली गली, नगला पुलिया में गलियों के खड़ंजे नीचे हैं, जबकि सड़क ऊंची है। यहां जल निकासी की व्यवस्था नहीं है। ऐसे में यहां बरसात में तो पानी भरता ही है, अब लगभग तीन माह से रोजाना सुबह आठ बजे से गलियों में गंदे पानी का जमाव शुरू होता है। यह गंदा पानी कई बार घरों तक घुस जाता है।
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गंदे पानी से होकर गुजर रहे बच्चे
- फोटो : अमर उजाला
निकासी नहीं होने के कारण गलियों में भरा रहता है। दुर्गंध के कारण लोगों का आना जाना मुश्किल हुआ है। स्कूल जाने वाले बच्चे भी इसी गंदे पानी से होकर गुजरते हैं। समाजसेवी डॉ. राजेंद्र कुमार आर्या बताते हैं कि असल समस्या जलनिकासी नहीं होना है। गलियों के खड़ंजे नीचे हैं, जबकि सड़कें ऊंची है। ऐसे में आसपास की गलियों से नालियां चोक होने पर गंदा पानी यहां आकर भरता है।
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गली में भरा सीवर का पानी
- फोटो : अमर उजाला
नाला निर्माण शुरू होने से बढ़ीं मुसीबत
नगला पुलिया निवासी राकेश कुमार कश्यप ने बताया कि रेलवे ट्रैक के किनारे नगर निगम ने यहां नाला स्वीकृत करवाया है। पहले गंदा पानी निकल जाता था, लेकिन जब से नाला बनना शुरू हुआ है, तभी से पानी गलियों में पहुंच रहा है।
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पीनी के लीकेज की वजह से हुआ सड़क का ये हाल
- फोटो : अमर उजाला
बच्चों को हो रही है परेशानी
राधे वाली गली की रहने वाली कृष्णा देवी ने बताया कि यहां की गलियों में पांच से छह घंटे तक गंदा पानी भरा रहता है। ऐसे में स्कूली बच्चे परेशान होते हैं। उन्हें गलियों से निकालकर बाहर तक छोड़ना पड़ता है। शाम तक पानी कम होता है, इससे गंदगी बनी रहती है। वहीं सुशील कुमार ने कहा कि इलाके में गंदे पानी के जमाव के कारण मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। भीषण गर्मी में गंदगी के बीच रहना पड़ रहा है। सुनवाई हो रही। सीएम पोर्टल पर भी शिकायत की थी, नगर निगम की टीम ने सफाई कर दी, दूसरे दिन फिर वही हालात पैदा हो गए।