सावन के अंतिम सोमवार को तीर्थराज बटेश्वर हर हर बम बम से गूंज उठा। यमुना किनारे स्थित प्राचीन शिव मंदिरों में केसरिया और तिरंगामय छटा बिखर गई। कई कांवड़िये कांवड़ को तिरंगा झंडा से सजाकर गंगाजली लेकर पहुंचे और भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक किया। बटेश्वर में कांवड़ियों की करीब तीन किलोमीटर लंबी लाइन लग गई।
विज्ञापन
2 of 5
तिरंगा से सजी कांवड़ लेकर जाते कांवड़िया
- फोटो : अमर उजाला
बटेश्वर में पांडवों द्वारा अज्ञातवास में चढ़ाई गई कांवड़ की परंपरा के निर्वहन के लिए सोमवार को कांवड़ियों का रेला उमड़ पड़ा। कंधे पर तिरंगे से सजी कांवड़, पैरों में घुंघरू की छन छन और जुबां पर बम भोले और भारत माता की जयकार के साथ सोरों से बटेश्वर पहुंचे कांवड़ियों का जोश और जज्बा देखते ही बन रहा था।
विज्ञापन
3 of 5
तिरंगा से सजी कांवड़ लेकर जाते कांवड़िया
- फोटो : अमर उजाला
यूं तो गंगाजली लेकर तरह-तरह की कांवड़ भक्तों के कंधों पर सजी नजर आती हैं, लेकिन सावन के अंतिम सोमवार को आस्था और देशभक्ति का अद्भुत संगम दिखाई दिया। बम-बम भोले और भारत माता के जयकारे लगाते हुए कांवड़िये गंगाजल लेकर बटेश्वर पहुंचे। तिरंगे से सजी कांवड़ लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी रहीं।
4 of 5
बटेश्वर में कांवड़ियों की लगी लाइन
- फोटो : अमर उजाला
रविवार की शाम को ही ब्रह्मलाल जी मंदिर के प्रवेश द्वार से तीर्थ क्षेत्र में तीन किलोमीटर लंबी कांवड़ियों की लाइन लग गई थी। जलाभिषेक के लिए कांवड़ियों को टोकन बांटे गए। लाइन में लगने के लिए कांवड़ियों में कई बार विवाद और हंगामे की स्थिति भी पैदा हुई। पुलिस ने समझाकर मामला शांत कराया।
श्रावण मास के चौथे सोमवार के दिन आयुष्मान योग है। ज्योतिषाचार्य शिव शरण पारासर ने बताया कि आयुष्मान योग बनने से सोमवार का महत्व बढ़ गया है। इस दिन भगवान शिव की पूजा करने से सभी आर्थिक और पारिवारिक समस्याओं का अंत होगा।