वृंदावन में शरद पूर्णिमा पर पहली बार सुबह और शाम जब ठाकुर श्री बांके बिहारी महाराज ने अपने स्वर्ण रजत सिंहासन पर बैठ श्वेत वस्त्रों में वंशी धारण की तो भक्तों में अपने आराध्य के दर्शन की होड़ सी लग गई। बांके बिहारी के अद्भूत रूप के दर्शन पाकर भक्त अभिभूत हो गए।
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शरद पूर्णिमा: ठाकुर बांकेबिहारी के अद्भुत दर्शन को उमड़ी भक्तों की भारी भीड़, देखें तस्वीरें
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बांके बिहारी मंदिर में भक्तों की भीड़
- फोटो : अमर उजाला
शरद पूर्णिमा पर पहली बार ठाकुर बांकेबिहारी के सुबह हुए इस दिव्य दर्शन के लिए श्रद्धालु पट खुलने से घंटे भर पहले ही मंदिर के गेट पर पहुंच गए थे। बुधवार की सुबह 7.45 बजे जैसे ही मंदिर के पट खुले वैसे ही श्रद्धालु मंदिर में प्रवेश कर गए।
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बांके बिहारी मंदिर में भक्तों की भीड़
- फोटो : अमर उजाला
मंदिर को रंग बिरंगे गुब्बारों से सजाया गया था। दर्शन का यह क्रम दोपहर राजभोग आरती तक रहा। शयन भोग के दर्शन के लिए भी श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचे। ठाकुर बांकेबिहारी के दुर्लभ दर्शन पाने के लिए हर कोई बेताब दिखाई दिया।
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बांके बिहारी मंदिर में भक्तों की भीड़
- फोटो : अमर उजाला
स्वर्ण-रजत सिंहासन पर विराजमान मोर, मुकुट, कटी, काछनी और बंसीधारी बांकेबिहारी के दर्शन पाकर भक्त धन्य हो गए। दर्शन के समय पूरा मंदिर परिसर खचाखच भरा रहा। राधे राधे के जयकारों के बीच भक्त दर्शन कर निहाल हो रहे थे।
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शरद पूर्णिमा विशेष
शरद पूर्णिमा पर द्वापर में भगवान श्री कृष्ण ने गोपियों के संग महारास रचाया था। इस दिन भगवान श्रीकृष्ण अपने भक्तों पर अनन्य कृपा करते हैं। शरद पूर्णिमा पर बांके बिहारी अपने हाथों में मुरली धारण करते है। जबकि सालभर मुरली धारण नहीं करवाई जाती है।
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परिक्रमा करते श्रद्धालु
- फोटो : अमर उजाला
शरद पूर्णिमा के पावन अवसर पर हजारों श्रद्धालुओं ने पंचकोसीय परिक्रमा की। इस दौरान श्रद्धालुओं ने स्वच्छता का संदेश भी दिया। मंदिर के आसपास साफ-सफाई भी की।