फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

भारतीय टीम के गेंदबाज दीपक और राहुल नीलाम करेंगे जर्सी, धनराशि से करेंगे जरूरतमंद खिलाड़ियों की मदद

Thu, 25 Feb 2021 04:59 PM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
विज्ञापन
1 of 5
राहुल चाहर और दीपक चाहर - फोटो : Facebook/Deepak Chahar
वाराणसी में सिंह सिस्टर्स की जरूरतमंद खिलाड़ियों की सहायता के लिए शुरू की गई पहल भारतीय क्रिकेट टीम के सदस्य दीपक चाहर को दिल से छू गई है। दीपक ने ओलंपिक के लिए तैयारी कर रहे जरूरतमंद खिलाड़ियों को आर्थिक रूप से सहायता देने की इस पहल को सराहा है। उन्होंने इंग्लैंड दौरे के समय पहनी गई भारतीय टीम की जर्सी नीलाम करने की घोषणा की है। मध्यम गति के गेंदबाज दीपक चाहर ने इसके साथ ही जरूरतमंद खिलाड़ियों की चैरिटी के लिए चेन्नई सुपर किंग्स में उसी जर्सी की नीलामी की बात कही है, जिसे पहनकर दीपक ने चेन्नई सुपर किंग्स के लिए एक मैच में तीन विकेट लिए थे। उनके भाई राहुल चाहर ने मुंबई इंडियंस की ओर से मैच में शानदार प्रदर्शन करने के दौरान अपनी जर्सी नीलाम करने की बात कही है। 
 
विज्ञापन

2 of 5
राहुल चाहर
तीस हजार और पच्चीस हजार बेस प्राइज 
गोयंका मास्टर कप टी-20 लीग का फाइनल मैच सात मार्च को होगा। पुरस्कार वितरण समारोह से पहले जर्सी की बोली लगेगी। यह कहना है जीडी गोयंका पब्लिक स्कूल के प्रधानाचार्य पुनीत वशिष्ठ का। 
विज्ञापन

3 of 5
Rahul Chahar-Deepak Chahar - फोटो : social Media
पुनीत वशिष्ठ ने बताया कि दीपक चाहर के सामान का बेस प्राइज तीस हजार रुपये रखा गया है। राहुल चाहर का बेस प्राइज पच्चीस हजार रुपये रखा गया है। उन्होंने बताया कि दीपक या राहुल में से कोई भी अगर व्यस्तता के चलते नहीं आ पाते है तो उनके पिता उनकी तरह से प्रतिनिधित्व करेंगे। 

4 of 5
पिता के साथ दीपक चाहर - फोटो : instagram
बचपन से ही संवेदनशील है दीपक: लोकेंद्र
दीपक चाहर के पिता लोकेंद्र सिंह का कहना है कि दीपक बचपन से ही दूसरों की मदद करने की सोचता है। चाहर कहते हैं कि वाराणसी की सिंह सिस्टर्स का तरीका उन्हें पसंद आया। इसलिए उन्होंने इस तरह से चेरेटी करने का सोचा है। इसमें दूसरे खिलाड़ी भी आगे आएंगे। 
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
दीपक चाहर - फोटो : social media
दीपक ने बताया कि पापा लोकेंद्र सिंह चाहर का कहना है कि मेरे लिए नौ नंबर लकी है। इस कारण मेरी कोशिश रहती है कि मैं किसी भी होटल में जाऊं, तो वहां भी मुझे जो कमरा मिले, उसमें नंबर नौ हो। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें