केवल दयालबाग में ही 300 मी क्षेत्र में सात जगह सड़कें धंसी है। सड़कों पर 4 से 5 फुट गहरे गड्ढे हो जाने से परेशान दयालबाग क्षेत्र के लोगों ने मंगलवार को विरोध प्रदर्शन भी किया।
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दयालबाग क्षेत्र के लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया
- फोटो : अमर उजाला
इंजीनियरों की लापरवाही के कारण शहर में जगह-जगह सड़कें धंस गई हैं। दयालबाग में लगातार चौथे दिन सड़क धंस गई, इसमें गहरे गड्ढे हो गए। केवल दयालबाग में ही 300 मी क्षेत्र में सात जगह सड़कें धंसी है। सड़कों पर 4 से 5 फुट गहरे गड्ढे हो जाने से परेशान दयालबाग क्षेत्र के लोगों ने मंगलवार को विरोध प्रदर्शन भी किया।
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दयालबाग की सड़क में गहर गड्ढे
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मंगलवार को जयराम बाग रोड पर सड़क धंस गई। इस क्षेत्र में 40 से 50 कॉलोनियों के लोगों के आने जाने के लिए यही मार्ग है। गुस्साए क्षेत्रीय लोगों ने यहां विरोध प्रदर्शन किया। रालोद नेता रामवीर सिंह ने मांग की कि सड़कों के गड्ढे भरे जाएं और जो इंजीनियर सड़क बनाने में लापरवाही के दोषी हैं, उन के खिलाफ कार्रवाई की जाए। प्रदर्शन में सौरभ चौधरी, सत्यवीर चौधरी, धर्मवीर चौधरी, मुन्नी देवी, विश्वेंद्र सिंह, राजू कुशवाह, सुयश चतुर्वेदी, विशाल दीक्षित आदि मौजूद रहे।
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सड़क में गहरे गड्ढे
- फोटो : अमर उजाला
पश्चिमपुरी और राजपुर चुंगी के साथ फतेहाबाद रोड पर भी सड़कें खोखली हो चुकीं हैं। पश्चिम पुरी क्षेत्र में सीवर लाइन डालने का काम किया जा रहा है तो वहीं फतेहाबाद रोड पर स्मार्ट सिटी के लिए डक्ट और नाले का निर्माण हो रहा है। कई जगह स्मार्ट सिटी की पेयजल योजना के तहत पानी की पाइप लाइन डाली गई है। इन सभी जगहों पर सड़कें बनी नहीं है और केवल मिट्टी भर दी गई है। इस वजह से पूरे क्षेत्र में गहरे गड्ढे और दलदल है। फतेहाबाद रोड निवासी अभिनव जैन के मुताबिक फतेहाबाद रोड 5 जगह से धंस चुकी है। इसकी मुख्य वजह मिट्टी का कॉम्पेक्शन न होना है।
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रोड पर बड़े-बड़े गड्ढे
- फोटो : अमर उजाला
खतैना-लोहामंडी की टूटी, गड्ढों से भरी सड़क के निर्माण की मांग को लेकर लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया। सपा नेता राहुल चतुर्वेदी ने क्षेत्र के लोगों के साथ विरोध जताया और कहा कि मुख्यमंत्री की योजना गड्ढा मुक्त सड़क की थी, पर गड्ढा युक्त सड़कें दिख रही हैं। अगर सड़कों के गड्ढे न भरे तो हम खुद अपने संसाधनों से इसको भरने का काम करेंगे। क्षेत्रवासियों के अनुसार रोजाना कोई न कोई वाहन चालक गड्ढों के कारण दुर्घटना का शिकार होता है।
टूटी, गड्ढों से भरी सड़क को किया बंद
- फोटो : अमर उजाला
एक्सपर्ट बोले - ये लापरवाही का नतीजा
लोक निर्माण विभाग के रिटायर्ड इंजीनियर राकेश कुमार के मुताबिक सीवर लाइन बिछाई जाए या फिर पानी की पाइप लाइन या फिर डक्ट का निर्माण हो। मिट्टी का कॉम्पेक्शन जब तक ठीक ढंग से नहीं किया जाएगा तब तक उसके धंसने की आशंका बनी रहेगी। जो भी निर्माण है उसमें मिट्टी भरकर कम से कम बारिश का एक सीजन निकालना चाहिए। बारिश के बाद ही मिट्टी सेट हो पाती है। उसके बाद ढंग से रोलर चलाकर जीएसबी बिछाई जानी चाहिए। जल निगम और कई अन्य विभाग इस मामले में लापरवाही बरत रहे हैं। वह पूरी तरह से ठेकेदार पर निर्भर है। अगर इंजीनियर ढंग से निरीक्षण करें तो यह समस्या नहीं आएगी।