भीषण गर्मी में लू के थपेड़ों ने ताजमहल, आगरा किला समेत स्मारकों का दीदार करने आने वाले सैलानियों को थाम दिया है। 44 पार पहुंच गए पारे में सैलानियों की संख्या एकदम कम हो गई। गर्मी के अलावा पर्यटन पर फैनी चक्रवात का असर भी माना जा रहा है। क्योंकि दक्षिण भारत से काफी संख्या में पर्यटक ताजनगरी आते हैं, लेकिन फैनी चक्रवात के चलते ज्यादातर लोगों ने फिलहाल अपने टूर कैंसिल कर दिए हैं।
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भीषण गर्मी से पर्यटक हो जाते हैं बेहाल
- फोटो : अमर उजाला
जैसे-जैसे पारा बढ़ता रहा, वैसे-वैसे सैलानियों की संख्या में भी कमी आती जा रही है। हाल यह है कि 20 से 25 हजार सैलानियों की जगह अब 12 से 15 हजार तक सैलानी ही ताज पर आ रहे हैं। इनमें विदेशी पर्यटकों की संख्या बेहद कम है। एक और दो मई को ताजमहल आने वाले पर्यटकों की संख्या और दिनों की अपेक्षा बेहद कम रही।
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बिना शू कवर के ताज के गुंबद पर घूमते पर्यटक
- फोटो : अमर उजाला
गर्मी में पर्यटक ताजमहल के अंदर तपते पत्थरों के कारण परेशान हैं। ऐसे में उन्हें शू कवर भी मुहैया नहीं कराए जा रहे। पर्यटक जूते उतारकर गर्म पत्थरों पर चलने से बच रहे हैं, ऐसे में वह जूते पहनकर ही मुख्य गुंबद पर पहुंच जा रहे हैं। तेज धूप के कारण गुंबद का संगमरमर दहक रहा है, जिस पर नंगे पांव चलना पर्यटकों के लिए मुश्किल भरा है।
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सांकेतिक तस्वीर
पर्यटन पर फैनी चक्रवात का असर भी देखा जा रहा है। मौसम विभाग की चेतावनी के चलते दक्षिण से आने वाले पर्यटक भी फिलहाल अपना टूर कैंसिल कर रहे हैं। स्थानीय स्तर पर भी प्रशासन ने आंधी-तूफान के चलते लोगों को सतर्क रहने को कहा है। बता दें कि पिछले साल इन्हीं दिनों आए तूफान से ताजमहल के परिसर में भी नुकसान हुआ था।
पिछले कई दिनों से लगातार पड़ रही भीषण गर्मी के बाद गुरुवार को मौसम बदल गया। मौसम में हुए बदलाव से लोगों को भीषण गर्मी से कुछ राहत जरूर मिली है, लेकिन तूफान का डर बैठा गया है। इसके चलते भी पर्यटकों की संख्या में कमी आई है।