विशेष कार्य बल (एसटीएफ) नोएडा और आगरा की खेरागढ़ थाना पुलिस ने मंगलवार को क्रेडिट कार्डधारकों का डाटा साइबर ठगों को उपलब्ध कराने वालीमोनिका को गिरफ्तार कर लिया। उसके साथ ही बैंकों के कॉल सेंटर से जुड़ा एक कर्मचारी भी पकड़ा गया। दिल्ली की रहने वाली मोनिका ने छह महीने में हजारों लोगों का डाटा बेचा था। उसके खातों में 17 लाख रुपये से अधिक के लेन-देन की जानकारी मिली है। एक और नाम सामने आया है। पुलिस उसकी तलाश में लगी है।
पकड़े गए आरोपियों के बारे में जानकारी देते एसएसपी बबलू कुमार
- फोटो : अमर उजाला
एसएसपी बबलू कुमार के मुताबिक, भिलावली, खेरागढ़ निवासी गजेंद्र सिंह को भारतीय स्टेट बैंक की शाखा में गौरव नाम के व्यक्ति ने क्रेडिट कार्ड बनवाने के लिए बैंक बुलाया था। इसके बाद क्रेडिट कार्ड का फार्म भरवा लिया था। तीन नवंबर 2020 को घर पर क्रेडिट कार्ड पहुंचते ही 20589 रुपये की शॉपिंग कर ली गई थी। 19 दिसंबर 2020 को बैंक जाने पर गजेंद्र को पता चल सका था। इस मामले में 22 जनवरी को मुकदमा दर्ज कराया गया था।
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आगरा: साइबर ठगी के आरोपी
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जांच में पता चला कि दिल्ली के गैंग ने फर्जी शॉपिंग कंपनी की साइट बना रखी थीं। बैंकों से क्रेडिट कार्ड धारकों का डाटा चोरी कर लिया जाता था। उन्हें क्रेडिट कार्ड पहुंचने के दिन ही कॉल करके ओटीपी सहित अन्य जानकारी ले ली जाती थी। फर्जी शापिंग साइट पर क्रेडिट कार्ड से शॉपिंग करते थे। साइट की मदद से लेन-देन करके खातों में पैसा ट्रांसफर कर लेते थे।
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आगरा: आरोपी मोनिका और दिनेश उर्फ सुलेमान
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पुलिस ने गैंग के सरगना सौरभ सहित चार आरोपियों को जेल भेजा था। मंगलवार को फरार आरोपी मोनिका उर्फ शिल्पी निवासी आर-2 ब्लाक हाउस नंबर सात, मोहन गार्डन, नई दिल्ली और दिनेश उर्फ सुलेमान निवासी आर जैड जे 152, निहाल नगर, नागलोई, थाना निहाल नगर नई दिल्ली को गिरफ्तार कर लिया।
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आगरा: मोनिका और साइबर ठगी के आरोपी युवक
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पुलिस की पूछताछ में आरोपी सौरभ ने ग्राहकों का डाटा मोनिका उर्फ शिल्पी से मिलने की जानकारी दी थी। मोनिका पूर्व में कॉल सेंटर में काम करती थी। वहीं से डाटा चोरी करके लेती थी। कॉल सेंटर बैंकों के ग्राहकों को सर्विस उपलब्ध कराता था। छह महीने पहले मोनिका ने अपना काम शुरू किया था। उसके पास सात लाख ग्राहकों का डाटा होने की जानकारी मिली थी।
मोनिका कई गैंग के संपर्क में थी। उसकी गिरफ्तारी के लिए टीम लगी थी। उस पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। पुलिस ने दबिश देकर आरोपी मोनिका को दिल्ली के उत्तम नगर, मेट्रो स्टेशन के पिलर नंबर 715 के पास काया क्लीनिक कार्यालय से गिरफ्तार कर लिया। उसके साथ बैंक का कर्मचारी दिनेश उर्फ सुलेमान भी पकड़ा गया।