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Agra: धूप सेंकने के लिए चंबल नदी से निकलने लगे मगरमच्छ-घड़ियाल, रोमांचित करने वाली हैं ये तस्वीरें

Sun, 13 Nov 2022 05:06 PM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
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चंबल के टापू पर मगरमच्छ - फोटो : अमर उजाला
आगरा जिले के पिनाहट क्षेत्र में सर्दी की शुरुआत होते ही चंबल में घड़ियाल और मगरमच्छ नदी से निकलकर टापुओं पर धूप सेंकने के लिए निकलने लगे हैं। इन्हें देखने के लिए पर्यटक और क्षेत्रीय लोग नदी किनारे पहुंच रहे हैं। वहीं वन विभाग के कर्मचारी निगरानी कर रहे हैं ताकि मगरमच्छ और घड़ियाल किसी को नुकसान न पहुंचा सकें और न ही जलीय जीवों को कोई नुकसान पहुंचे।  

नवंबर माह में ठंड ने दस्तक दे दी है। धीरे-धीरे बढ़ रही सर्दी के कारण लोग अब गर्म कपड़े पहनने लगे हैं तो वहीं जीव-जंतु भी सर्दी से बचने के लिए अपना स्थान खोजने लगे। घड़ियाल और मगरमच्छों के लिए संरक्षित चंबल नदी का नजारा इन दिनों कुछ अलग ही देखने को मिल रहा है। जिसे देखकर लोग रोमांचित हो रहे हैं। 

Chambal River: चंबल में बाढ़ से पहले लहरों को चीरना सीख रहे नन्हें घड़ियाल, रोमांचित करने वाली हैं ये तस्वीरें
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चंबल के टापू पर मगरमच्छ - फोटो : अमर उजाला
रविवार को पिनाहट क्षेत्र के चंबल नदी के टापुओं पर गुनगुनी धूप सेंकने के लिए कई घड़ियाल और मगरमच्छ नदी से निकले। नदी के टापू पर विशालकाय मगरमच्छ मुंह फाड़ते हुए नजर आए। 
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चंबल के टापू पर मगरमच्छ - फोटो : अमर उजाला
मगरमच्छ और घड़ियालों को देखने के लिए बड़ी संख्या में नदी किनारे पर्यटक और ग्रामीण पहुंचे। जलीय जीवों को देखकर लोग रोमांचित दिखाई दिए। उन्होंने मोबाइल से चंबल नदी के रोमांचकारी नजारे को कैमरे में कैद किया। 

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चंबल में नन्हें घड़ियाल - फोटो : अमर उजाला
सर्दी के मौसम में चंबल नदी में संरक्षित घड़ियाल और मगरमच्छ, कछुआ ,डॉल्फिन और प्रवासी पक्षी बड़ी संख्या में देखे जा सकते हैं। चंबल सेंचुरी क्षेत्र में वन विभाग कर्मी लगातार जलीय जीव एवं पक्षियों की मॉनिटरिंग कर देखरेख करते हैं।
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चंबल में मगरमच्छ और घड़ियाल - फोटो : अमर उजाला
दुनिया में लुप्त प्राय स्थिति में पहुंचे घड़ियालों के लिए चंबल नदी संजीवनी बनी है। यहां घड़ियालों का संरक्षण वर्ष 1979 से हो रहा है। हर साल नदी में घड़ियालों का कुनबा बढ़ रहा है। जून महीन में करीब 2700 नन्हें घड़ियालों को नदी में छोड़ा गया था।
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