आगरा में अवैध खनन से बने यमुना में गड्ढे जान ले रहे हैं। दो दिनों के अंदर यमुना में डूबने से तीन किशोरों की मौत हो चुकी है। ऐसी घटनाएं कई बार सामने आ चुकी हैं। इसके बावजूद सुरक्षा के इंतजाम नहीं हैं। न जानकारी वाले बोर्ड लगाए गए हैं और न ही नहाने के स्थानों पर बैरीकेडिंग की गई है।
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डूबे छात्र की तलाश करते लोग, इंसेट में गमगीन परिजन
- फोटो : अमर उजाला
एत्माद्दौला क्षेत्र में शोभा नगर, नगला बिहारी, प्रकाश नगर, रामबाग पार्क, स्ट्रैची पुल, चीनी का रोजा, 11 सीढ़ी और खंदौली क्षेत्र में पोइया पर घाट और नहाने के स्थान हैं। इनके अलावा बल्केश्वर, कैलाश मंदिर, रुनकता पर भी लोग नहाने जाते हैं।
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फाइल फोटो
लोगों के डूबने की घटनाएं सबसे ज्यादा शोभा नगर और चीनी का रोजा पर होती हैं। इन स्थानों पर यमुना अधिक गहरी है। कुछ जगह पानी कम है, जबकि कुछ जगह गड्ढे बने हुए हैं। जब लोग नहाने जाते हैं तो कम पानी समझकर जाते हैं। इससे उन्हें गहरे पानी का अंदाजा नहीं रहता है। इसी धोखे में आकर गड्ढे के गहरे पानी में डूब जाते हैं।
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यमुना में गोताखोर
- फोटो : अमर उजाला
अवैध खनन से भी यह गड्ढे हो गए हैं। बच्चों को इसका पता नहीं चलता है। कई बार हादसे हो चुके हैं। इसके बावजूद सुरक्षा के इंतजाम नहीं है। पुलिस की कोई व्यवस्था नहीं रहती है। चीनी का रोजा को छोड़कर किसी अन्य घाटों पर रेलिंग और रस्सी तक नहीं लगी है। पुलिस भी तैनात नहीं रहती है, जिससे नहाने आने वाले लोगों को सचेत किया जा सके।
बता दें कि दो दिनों के अंदर यमुना में डूबकर तीन किशोरों की मौत हो गई। ये किशोर यमुना में नहाने गए थे, लेकिन नहाते समय यमुना में बने गहरे गड्ढों में जाने से डूब गए। इससे पहले ही इस तरह के कई हादसे हो चुके हैं।