अनुसूचित जाति की किशोरी और कक्षा 12 की छात्रा ईशू की हत्या के मामले में पहले दिन से ही किशोरी के परिजन शक के दायरे में थे। मामले की गंभीरता के मद्देनजर पुलिस ने तुरंत केस दर्ज कर नामजद आरोपी हिरासत में तो ले लिए लेकिन शक की सुई बार-बार परिजनों पर ही टिक रही थी। किशोरी के पिता, मां और दादा के अलग-अलग बयानों से पुलिस ने शक को और पुख्ता कर दिया।बारीकी से जांच करने पर घटना परत दर परत खुलती चली गई और पुलिस घटना के आरोपी पिता तक पहुंच गई।
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आरोपी पिता
- फोटो : अमर उजाला
विगत 23 अक्तूबर की रात पौने 12 बजे थाना रसूलपुर के मोहल्ला प्रेमनगर डाकबंगला निवासी अजय चक की पुत्री ईशू चक की हत्या हो गई थी। घटना की जानकारी पर एसएसपी सचिंद्र पटेल सहित जिले के सभी अधिकारी घटनास्थल पर पहुंच गए। शनिवार को एडीजी आगरा रेंज अजय आनंद और आईजी जोन ए सतीश गणेश स्वयं घटनास्थल पर पहुंचे। मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने न तो आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने में देरी की और न आरोपियों को हिरासत में लेने में।
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पत्रकार वार्ता में आईजी जोन ए. सतीश गणेश, एसएसपी सचिंद्र पटेल
- फोटो : अमर उजाला
आरोपियों की मोबाइल लोकेशन से पुलिस को मिली मदद
घटना के खुलासा करते हुए आईजी जोन ए. सतीश गणेश ने पत्रकार वार्ता में बताया कि परिजनों के परस्पर विरोधी बयानों की पुलिस ने बारीकी से जांच की। आरोपियों के मोबाइल की कॉल डिटेल निकाली गई तो तीनों की लोकेशन अलग-अलग मिली। गौरव चक की आगरा, सोपाली यादव और मनीष की लोकेशन घर पर मिली। इसके साथ ही अन्य तथ्य भी जुटाए गए, जिनसे पता चला की तीनों आरोपी एक साथ नहीं थे। सीसीटीवी कैमरे से भी कई सुराग मिले।
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पुलिस ने पकड़ा हत्या आरोपी पिता
- फोटो : अमर उजाला
भाई ने खुलकर बोला सच
आईजी जोन ने बताया कि घटना को लेकर अजय के छोटे भाई विजय ने घटना का खुलासा किया। विजय ने बताया कि घटना को अजय ने ही अंजाम दिया है। इसके बाद कोई शक नहीं रह गया था। पुलिस ने आरोपी पिता अजय चक को पकड़ा और कड़ाई से पूछताछ की तो उसने भी कबूल कर दिया। आईजी ने बताया कि परिवार के अन्य सदस्यों की संलिप्तता की भी जांच की जाएगी।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने भी खोला राज
घटना के खुलासे में पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी अहम रही। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में किशोरी के सिर में दाईं ओर सटाकर गोली मारने की बात आई। यदि बाहर से हमलावर आते तो किशोरी को इतनी करीब से गोली मारने की संभावना कम थी।
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किशोरी की हत्या के बाद पोस्टमार्टम हाउस पर पहुंचे भाजपा विधायक (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
इन विरोधी बयानों ने पुलिस का काम किया आसान
किशोरी के पिता अजय चक ने कहा कि उसके पिता और मां पड़ोस में रह रहे छोटे भाई विजय के घर गए थे। उन्होेंने लौटने की बात कही थी, इस कारण घर का मुख्य दरवाजा खुला था। किशोरी के दादा ईश्वरदयाल ने कहा कि वह घर पर ही नीचे के कमरे में मौजूद थे। आरोपी मुख्य दरवाजे से आए थे और गोली मार कर उसी रास्ते से भागे। उन्होंने आरोपियों को भागते हुए देखा। हालांकि किशोरी के पिता ने पुलिस को बताया था कि आरोपी मुख्य दरवाजे से आए और पीछे के दरवाजे से भागे। वहीं किशोरी ने पिता ने पुलिस को बताया कि रात को वह पत्नी के साथ छत पर टहल रहे थे। तभी फायरिंग की आवाज सुनकर नीचे आए। यहां कमरे में बेटी मृत पड़ी थी। वह आरोपियों के पीछे गली तक दौड़े, लेकिन आरोपियों ने फायरिंग कर दी।
घटनास्थल का मुआयना करती पुलिस का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
किशोरी की मां शालिनी ने कहा कि मकान की तीसरी मंजिल पर सो रही थी। फायरिंग की आवाज सुनकर जागी। किशोरी के पिता ने पुलिस को बताया कि मकान की पहली मंजिल पर कमरे में टीवी देखते-देखते ईशू सो गई थी। इसी मंजिल के दूसरे कमरे में ईशू के छोटे भाई-बहन सो रहे थे। हालांकि मां ने कहा कि ईशू के साथ ही छोटे भाई-बहन भी सो रहे थे।