बरेली में तैनात शिक्षक अवधेश (43) की हत्या करअधजले शव को नारखी स्थित खेत में दबा दिया गया था। शिक्षक की हत्या के लिए पत्नी विनीता और ससुरालीजनों ने पांच लाख रुपये की सुपारी हिस्ट्रीशीटर को दी थी। नारखी पुलिस ने हिस्ट्रीशीटर शेर सिंह उर्फ चीकू को गिरफ्तार कर बरेली से 12 अक्तूबर को लापता शिक्षक के हत्याकांड का खुलासा कर दिया। तहसीलदार की मौजूदगी में शव को खेत से निकलवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
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शव की जानकारी देता हत्या का आरोपी
- फोटो : अमर उजाला
अवधेश की हत्या की सुपारी खेरिया निवासी अवधेश के ससुर अनिल फौजी, मृतक की पत्नी विनीता ने पांच लाख रुपये में दी थी। 70 हजार रुपये एडवांस दिए थे। पूछताछ में हत्यारोपी ने बताया 12 अक्तूबर को अवधेश की हत्या बरेली में अपने साले खेरिया निवासी प्रदीप पुत्र अनिल फौजी, नारखी धौंकल निवासी भोला पुत्र अशोक गुप्ता, एटा थाना सकरौली के छोटी रानी निवासी पप्पू जाटव एवं अंकित के साथ मिलकर गला दबाकर की थी। हत्या के बाद शव को बरेली से कार से लाकर नारखी क्षेत्र में जलाने के बाद रामदास के खेत में दबा दिया था। पुलिस ने हत्यारोपी की निशानदेही पर तहसीलदार सदर विवेक भदौरिया की उपस्थिति में खोदाई कराके शव बरामद कर लिया। शिनाख्त मृतक की मां अन्नपूर्णा देवी ने की है। हत्या में शामिल हत्यारोपी फरार हैं।
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खेत में दफनाया गया था शव
- फोटो : अमर उजाला
मृतक शिक्षक अवधेश जादौन के भाई रमेश चंद्र का आरोप है कि अवधेश की पत्नी विनीता के प्रेम संबंध आगरा निवासी एक युवक से हैं। भाई अवधेश को रास्ते से हटा कर विनीता का नजर भाई के स्थान पर नौकरी लेने और बरेली में पचास लाख रुपये कीमत का मकान हथियाने की थी। रमेश चंद्र ने बताया कि मां अन्नपूर्णा देवी औरैया जिले के सिरौली स्थित उनके मामा साधो सिंह के घर थीं। भाई अवधेश से 15 अक्तूबर से बात नहीं हुई तो मां (अन्नपूर्णा) ने विनीता (अवधेश की पत्नी) के नंबर पर फोन किया। विनीता ने बहाना किया कि अवधेश के फोन उठाने वाला बटन खराब हो गया था। दोबारा फोन किया तो बताया कि ननिहाल गए हैं। ननिहाल खुद होने की बात कही तो बताया भीतरी चले गए। भीतरी में नहीं होने की बात कही तो बताया कि बरेली के कस्बा बिनका चले गए होंगे। इसके बाद विनीता ने अपना फोन स्विच ऑफ कर लिया।
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मृतक की मां और हत्यारोपी को खेत पर ले जाती पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
मां (अन्नपूर्णा) ने अवधेश के एक साथी शिक्षक को फोन करके अवधेश के घर भेजा तो वहां ताला लटका था। मां को अनहोनी की आशंका हुई तो अपने भाई (मृतक के मामा) साधो सिंह, भतीजे महेश सिंह, भतीजे बहू नीरज सिंह के साथ बरेली पहुंचे। ताला बंद देख थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। बरेली पुलिस 16 अक्तूबर को नारखी आकर पड़ताल की थी। रमेश ने बताया कि भाई की पत्नी के प्रेम संबंध आगरा निवासी अंकित से हैं। भाई की हत्या करके वह नौकरी, ढाई वर्ष पूर्व 50 लाख में खरीदे मकान एवं जमीन पर नजर टिकाए हुए है।
मृतक का बेटा घबराया तो अलग ले गई पत्नी
पुलिस की मानें तो मृतक अवधेश की हत्या के दौरान उसी का सात वर्षीय बेटा अंश पहुंच गया था। पिता को घिरा देख बेटा घबराया तो उसकी पत्नी उसे अलग ले गई थी। पुलिस की उपस्थिति में अवधेश के शव का अंतिम संस्कार उसके गांव भीतरी में किया गया। सीओ टूंडला,एसएचओ नारखी के साथ पुलिस फोर्स मौजूद रहा।