थाना ताजगंज की तोरा चौकी पर हुए बवाल के मामले पुलिस ने आरोपियों के पोस्टर चस्पा किए हैं। यह पोस्टर थाना और सभी चौकियों पर लगाए गए हैं। लोगों से इन आरोपियों को पहचानने के लिए भी कहा जा रहा है। वहीं 12 गांव में पुलिस दबिश दे रही है। आरोपी घरों से फरार हो गए हैं।
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तोरा पुलिस चौकी में की थी आगजनी का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
गौरतलब है कि 31 दिसंबर 2020 को गांव करभना निवासी पवन कुमार यादव की ट्रैक्टर पलटने से मौत हो गई थी। घटना से गुस्साए लोगों ने बवाल किया था। तोरा चौकी में आग लगा दी थी। मामले में दो मुकदमे दर्ज किए गए। पुलिस 16 आरोपियों को जेल भेज चुकी है। अब अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश जारी है। 12 गांव में पुलिस जा रही है। मगर, आरोपी घरों से फरार हैं। अब आरोपियों की पहचान के लिए थाना ताजगंज और अन्य चौकियों पर पोस्टर चस्पा किए गए हैं।
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तोरा चौकी पर हुए बवाल के बाद तैनात पुलिसबल
- फोटो : अमर उजाला
थाना ताजगंज के प्रभारी निरीक्षक उमेश चंद त्रिपाठी ने बताया कि पोस्टर बवाल के दौरान लिए गए फोटो के बनाए गए हैं। इसके पीछे मकसद है कि आरोपियों की पहचान हो सके। परिवार वाले भी यह नहीं कह सकें कि पुलिस ने गलत कार्रवाई की है। पहचान होने पर ही आरोपी को पकड़ा है।
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ताजगंज की तोरा चौकी पर कार्य करते लोग
- फोटो : अमर उजाला
थाने के साथ ही सभी चौकियों पर पोस्टर लगाए गए हैं। लोग थाने आएंगे तो आरोपियों को पहचानेंगे। इसके साथ ही मोबाइल से दूसरों को भी फोटो भेजेंगे। इसके बाद गांव में भी पोस्टर लगाए जाएंगे, जिससे उनके बारे में गांव के लोग भी सूचना दें। मामले में आरोपियों के खिलाफ रासुका के तहत कार्रवाई की जानी है।
एडीजी जोन आगरा अजय आनंद और एसएसपी बबलू कुमार
- फोटो : अमर उजाला
एडीजी जोन अजय आनंद ने चौकी पर हुए बवाल के दौरान पुलिस की लापरवाही पर नाराजगी जाहिर की थी। एसएसपी से पूछा था कि जब पुलिसकर्मी मौके पर पहुंच चुके थे तो शव को अस्पताल से लोग चौकी पर कैसे ले गए? सीओ सदर महेश कुमार भी मौजूद थे। उन्होंने क्या किया। उनके खिलाफ क्या कार्रवाई की गई है। पत्र का जवाब भी मांगा था। एसएसपी बबलू कुमार ने अब सीओ सदर महेश कुमार को अछनेरा भेज दिया। उनके स्थान पर सीओ छत्ता राजीव कुमार को सदर का चार्ज दिया गया है। सीओ अछनेरा सुरेश चंद ओम हरे को छत्ता का चार्ज दिया गया। इस मामले में विभागीय जांच भी चल रही है। इसके बाद और कड़ी कार्रवाई हो सकती है। जांच में देखा जा रहा है कि किसकी क्या लापरवाही रही।