आगरा के शाहगंज क्षेत्र की घनी आबादी वाली बस्ती न्यू आजमपाड़ा रविवार दोपहर को अवैध पटाखा गोदाम में हुए धमाके से दहल गई। धमाका इतनी तेज था कि आतिशबाज चमन मंसूरी के मकान की छत भरभराकर गिर गई, टिन शेड हवा में उड़ गई। पड़ोस के 20 मकानों में दरारें आ गईं। धमाके की आवाज एक किमी दूर तक सुनाई दी। मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि 10 मिनट तक धमाके होते रहे। इसके बाद का मंजर देखकर लोग सहम गए। विस्फोट से तीन लोगों के चीथड़े उड़ गए थे।
विस्फोट के बाद घरों से बाहर आए लोग
- फोटो : अमर उजाला
आतिशबाज चमन मंसूरी ने घर में बगैर लाइसेंस के पटाखा गोदाम बना रखा था। रविवार दोपहर तकरीबन 12:40 बजे अचानक तेज विस्फोट हो गया। पूरी गली में धुआं फैल गया। 10 फीट तक उठी लपटों को देखकर आसपास के लोग डर रहे थे कि कहीं यह आग उनके घर तक न पहुंच जाए। पूरा मोहल्ला खाली हो गया था।
विज्ञापन
3 of 7
लोगों ने घरों से निकालकर बाहर रखे गैस सिलिंडर
- फोटो : अमर उजाला
धमाके बाद आसपास के लोग घरों से सिलिंडर लेकर भागे। इन्हें एक मैदान में रख दिया गया। लोगों को डर था कि अगर आग उनके घर तक पहुंची तो सिलिंडर फट सकते हैं। चमन मंसूरी के घर के ठीक बराबर में रहने वाले ऑटो चालक नसरू ने बताया कि धमाकों के बाद आधा घंटा तक अफरा-तफरी का माहौल रहा। पुलिस के आने के बाद भी दहशत बनी रही।
4 of 7
विस्फोट के बाद पड़ोसी की छत ढही, फ्रिज में जला
- फोटो : अमर उजाला
विस्फोट की घटना के बाद घर के सामने रहने वाले ऑटो चालक चंदा का परिवार आग की लपटों में घिर गया। उनके घर में जलते हुए पटाखे गिरने की वजह से आग लग गई। फ्रिज और वाशिंग मशीन तक जल गए। पड़ोसियों ने किसी तरह आग पर पानी डालकर आग पर काबू किया। चंदा ने बताया कि घर में उसकी पत्नी सम्मो, बेटा हैदर, बहू, साड़ू जलाल, उसकी पत्नी मीना, साला राजू उसकी पत्नी साबरा और छह बच्चे रहते हैं।
विज्ञापन
5 of 7
विस्फोट के बाद की तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
आतिशबाजी के पटाखे गिरने से चंदा के घर में आग लग गई। राजू का परिवार छत पर बने कमरे में रहता है। उस समय साबरा अपनी बेटी को नहला रही थी। वह दहशत में कमरे में आ गईं। छत पर रखे फ्रिज और वाशिंग मशीन जलने लगे। चीख-पुकार सुनकर लोग आ गए। उन्होंने किसी तरह आग पर काबू पाया। चंदा के घर में काफी सामान जल गया। इससे परिवार के महिलाओं का रो-रोकर बुरा हाल था।
विज्ञापन
6 of 7
विस्फोट के बाद की तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
चमन के पड़ोसी ऑटो चालक नसरू ने बताया कि घर में पत्नी रईसन घर का काम कर रही थी। छोटा भाई बबलू बैठा हुआ था। तभी धमाके की आवाज सुनी। कुछ समझ पाते, इससे पहले ही हमारी छत पर ईंट और पत्थर गिरने लगे। यह मलबा था जो धमाके साथ उड़कर आया था। हम बुरी तरह से सहम गए। पत्नी, भाई और घर केबाहर खेल रहे चार बच्चों को लेकर भागे। बाद में लौटे तो दीवारों में दरार पड़ी मिलीं।
चमन के घर के पड़ोस में ही रहने वाले हमीद ने बताया घर में पत्नी और बच्चे थे। धमाके के बाद छत पर मलबा और जलते हुए पटाखे गिरे। डर था कि पूरे घर में आग जाएगी। इसलिए सब बाहर निकल आए। वहां देखा कि मोहल्ले के लोग भागकर दूर जा रहे हैं। हम भी उनके साथ ही भागने लगे।