29 अगस्त खेल दिवस पर राष्ट्रपति भवन में जब क्रिकेटर पूनम यादव को अर्जुन अवार्ड से नवाजा जाएगा, तब आगरा के खेल इतिहास में एक और स्वर्णिम पन्ना जुड़ जाएगा। खेल दिवस पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद पूनम यादव को खेल जगत का यह शीर्ष पुरस्कार प्रदान करेंगे। अर्जुन अवार्ड के लिए चयनित होने पर पून यादव ने कहा कि उनके लिए यह किसी सपने के सच होने जैसा है। बेटी की इस उपलब्धि पर परिवार में खुशी का माहौल है।
विज्ञापन
2 of 6
क्रिकेटर पूनम यादव
- फोटो : अमर उजाला
क्रिकेटर पूनम यादव ने अपने कोच मनोज कुशवाहा से कहा कि उन्हें विश्वास नहीं हो रहा है कि खेल की दुनिया का सबसे बड़ा अवार्ड उन्हें मिलने जा रहा है। इस अवार्ड के मिलने के बाद उनकी जिम्मेदारी और बढ़ जाएगी। उन्होंने कहा कि उनके कोच, परिजन और शहर के तमाम क्रिकेट प्रेमियों के आशीर्वाद से यह संभव हुआ।
विज्ञापन
3 of 6
खुशी का इजहार करते पूनम यादव के परिजन
- फोटो : अमर उजाला
क्रिकेटर पूनम यादव का अर्जुन अवार्ड के लिए चयन की जानकारी पर पिता रघुवीर सिंह और मां मुन्नी देवी काफी खुश हैं। ईदगाह स्थित रेलवे कॉलोनी में रहने वाली पूनम यादव की मां का कहना था कि हमें अपनी बेटी पर नाज है। हमारी बेटी से हमारी पहचान है। यह किसी भी माता-पिता के लिए सबसे बड़ी खुशी है। पूनम के पिता रघुवीर सिंह का कहना था कि मेरी बेटी की कड़ी मेहनत और टाइम मैनेजमेंट ने इस मुकाम तक पहुंचाया है।
4 of 6
भारतीय महिला क्रिकेटर पूनम यादव
कोच मनोज कुशवाहा ने कहा कि पूनम यादव की कड़ी मेहनत का परिणाम है कि उन्हें अर्जुन अवार्ड मिलने जा रहा है। क्रिकेट के प्रति उनका शुरू से जो जुनून रहा, उसे उन्होंने हमेशा बरकरार रखा। पूनम यादव इस अवार्ड की हकदार हैं। एक कोच के रूप में इससे बड़ा खुशी का पल कोई दूसरा नहीं हो सकता है।
विज्ञापन
5 of 6
माता-पिता के साथ पूनम यादव
- फोटो : अमर उजाला
महिला क्रिकेट टीम की लेग स्पिनर पूनम यादव प्रदेश की पहली महिला क्रिकेटर हैं, जिन्हें यह प्रतिष्ठित अवार्ड मिलने जा रहा है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने उनके नाम की सिफारिश की थी। शनिवार को इस संबंध में घोषणा की गई। इस समय पूनम यादव आंध्र प्रदेश के सिकंदराबाद में इंडियन रेलवे कैंप कर रही हैं।
क्रिकेटर पूनम यादव
- फोटो : Twitter/@poonam_yadav24
23 साल बाद आगरा के खिलाड़ी को यह अवार्ड मिला है। इनसे पूर्व आगरा के आयरन मैन ऑफ एशिया कहे जाने वाले विजय सिंह चौहान ने सबसे पहले 1972 में आगरा को अर्जुन अवार्ड दिलाया। इसके 18 साल बाद वर्ष 1990 में हॉकी इंडिया के जगबीर सिंह को अर्जुन अवार्ड से सम्मानित किया गया। छह साल बाद वर्ष 1996 में आगरा के एथलीट अजीत भदौरिया को अर्जुन अवार्ड से नवाजा गया।