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पटाखा गोदाम विस्फोट: मौत के मुंह में जाने से बहन को बचाया, 13 साल के भाई की चली गई जान

Mon, 19 Oct 2020 12:03 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
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अस्पताल में घायल आसमां - फोटो : अमर उजाला
आगरा के न्यू आजमपाड़ा में रविवार को अवैध पटाखा गोदाम में विस्फोट होने से चार लोगों की मौत हो गई। मृतकों में 13 साल छोटू ऊर्फ आबिद भी है, जिसने अपनी छोटी बहन आसमां को मौत के मुंह में जाने से बचा लिया। घायल बहन को जब होश आया तो उसकी आंखें अपने भाई को ही ढूढ़ रहीं थीं। मगर, वह अब इस दुनिया में नहीं रहा। हादसे में आसमां का चार वर्षीय चचेरा भाई अरशद भी घायल हुआ है। 
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विस्फोट के बाद की तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
अवैध पटाखा गोदाम में हुए धमाके के बाद मलबे में आतिशबाज चमन मंसूरी का 13 साल वर्षीय बेटा छोटू उर्फ आबिद, 12 साल की आसमां और चार साल का भतीजा अरशद भी दब गए थे। तीनों को मलबा हटाकर बाहर निकाला गया। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया। 
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अस्पताल में घायल आसमां - फोटो : अमर उजाला
होश में आने के बाद आसमां की आंखें अपने भाई आबिद को ही देख रहीं थीं। मगर, वह अब इस दुनिया में नहीं रहा। वह रोते हुए एक ही बात कह रही थी कि भाई ने उसे मलबे में दबने से बचा लिया। अब कहां चला गया। आसमां और अरशद का रो रोकर बुरा हाल है। 

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विस्फोट के बाद की तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
आसमां ने बताया कि वह भाई आबिद के साथ कमरे में बैठी हुई थी। दोनों मोबाइल देख रहे थे। उसे नींद आ गई। तभी जोरदार धमाका हुआ। ऐसा लगा कि दीवारें हिल रही हैं। इसके बाद मलबा गिरने लगा। भागने की कोशिश की, लेकिन बाहर नहीं जा पाए। 
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विस्फोट से मकान की छत ढही - फोटो : अमर उजाला
कमरे में मलबा गिरने लगा। भाई आबिद ने आसमां को नीचे कर दिया। सारा मलबा उसके ऊपर गिर गया। अरशद भी पास बैठा था। वह भी मलबे में दब गया। भाई के नीच होने की वजह से आसमां ज्यादा घायल नहीं हुई। उसके पैरों में चोट लगी। इसके बाद होश नहीं रहा। 
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अवैध पटाखा फैक्टरी में हुआ विस्फोट - फोटो : अमर उजाला
आसमां की आंख खुली तो अस्पताल में थी। यहां उसे भाई नहीं नजर आ रहा था। वह बार-बार रोते हुए एक ही बात पूछ रही थी कि आबिद कहां है। मोहल्ले का युवक उनकी देखभाल कर रहा था। वह आसमां और अरशद को चुप कर रहा था। उन्हें रोता हुए देखकर अन्य लोगों ने भी मदद की। आबिद की इलाज के दौरान मौत हो गई थी।
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