कोरोना वायरस की पहली लहर से दूसरी लहर कितनी भयावह थी ये हकीकत अब सामने आई है। आगरा में शुक्रवार को जिला प्रशासन ने पहली बार कोविड की पहली और दूसरी लहर में संक्रमण, मरीजों की मौत और जांचों के आंकड़े जारी किए हैं। पहली लहर की तुलना में दूसरी लहर में प्रतिदिन औसतन आठ गुना ज्यादा मरीज मिले जबकि सात गुना अधिक मौतें हुई हैं। ताजनगरी में 2 मार्च 2020 को पहला केस मिला था। तब कोरोना की पहली लहर थी, जो 20 मार्च 2021 तक 383 दिन चली। 383 दिन में 5,98,156 लोगों की जांच की गई। जिनमें 10,572 नए मरीज मिले और 175 मरीजों की मौत हो गई। यानी तब औसतन रोज 27 नए मरीज मिल रहे थे और प्रत्येक दो दिन बाद एक मरीज की मौत हो रही थी। पहली लहर में औसतन रोज 1561 लोगों की जांच की गई।