कोरोना वायरस से जंग को लॉकडाउन का आज चौथा दिन है, लेकिन सड़कों पर भीड़ कम नहीं हो रही है। आगरा में शनिवार को सड़कों पर कुछ ऐसी ही तस्वीरें दिखाई दे रही हैं। लॉकडाउन में रोजगार छिनने के बाद हजारों लोग महानगरों से पैदल पलायन कर रहे हैं। इन लोगों की भीड़ के सामने शासन की ओर से लगाई गईं रोडवेज बसें भी नाकाफी साबित हो रही हैं।
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आगरा लॉकडाउन
- फोटो : अमर उजाला
आगरा-दिल्ली हाइवे पर दिल्ली समेत एनसीआर से आने वालों लोगों की कतार टूट नहीं रही है। हर घंटे एक हजार से अधिक लोग पैदल गुजर रहे हैं।
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आगरा लॉकडाउन
- फोटो : अमर उजाला
लॉकडाउन में कारखाने बंद होने के बाद ये लोग अपने घरों के लिए निकले हैं। किसी के सिर पर गठरी है तो कोई गोद में मासूम को लेकर चला जा रहा है।
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आगरा लॉकडाउन
- फोटो : अमर उजाला
पैदल पलायन करने वाले लोगों का कहना था कि लॉकडाउन के कारण कारखाने बंद हो गए हैं। खाने का बंदोबस्त नहीं था। इसलिए घर जा रहे हैं।
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आगरा लॉकडाउन
- फोटो : अमर उजाला
इन लोगों को गंतव्य तक पहुंचाने के लिए आगरा से रोडवेज की 55 बसें चलाई गईं, लेकिन यात्रियों की संख्या बहुत ज्यादा है।
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आगरा लॉकडाउन
- फोटो : अमर उजाला
दो हजार से अधिक लोग तो आइएसबीटी पर ही हैं। ईदगाह और आगरा फोर्ट पर भीड़ है। पुलिस कर्मी इन लोगों को अन्य वाहनों में भी बैठाकर भेज रहे हैं।
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पैदल घर जा रहे लोग
- फोटो : अमर उजाला
यह कष्टभरी पैदल यात्रा इन मजदूरों को अब भारी पड़ने लगी है। आगरा के सिकंदरा क्षेत्र में शनिवार को पैदल घर जा रहे एक युवक की मौत हो गई। वो मध्य प्रदेश का रहने वाला था।
लॉकडाउन में महानगरों से पैदल अपने-अपने घरों को जा रहे इन लोगों को सामाजिक संगठन और पुलिस जगह-जगह खाना बांट रही है। लेकिन इनकी मुसीबतें बांटने वाला कोई नहीं है।