कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव सिर्फ घरों में रहकर ही किया जा सकता है। लेकिन उन लोगों के सामने बड़ी मुसीबत खड़ी हो गई है, जो दो वक्त की रोटी के लिए दिनभर मेहनत-मजदूरी करते हैं। ऐसे लोगों के लिए उत्तर प्रदेश पुलिस मददगार बन रही है। लॉकडाउन में ड्यूटी के साथ पुलिसकर्मी मानवता का भी धर्म निभा रहे हैं। अगली स्लाइड्स में देखिए सेवा, समर्पण और संवदेना की तस्वीरें...
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जूता पॉलिश करने वाले को रुपये देकर घर भेजा
- फोटो : अमर उजाला
दरोगा ने जूता पॉलिश करने वाले को रुपये देकर घर भेजा
मैनपुरी में शनिवार को कांशीराम कॉलोनी में रहने वाला एक युवक कोतवाली के पास ही जूता पॉलिश की दुकान सजाकर बैठ गया। गश्त कर रहे दरोगा सुरेंद्र राव जब उधर से गुजरे तो उन्होंने बाइक रोक ली। युवक से कहा कि घर जाओ तो उसने कहा कि साहब घर जाएंगे तो खाएंगे क्या.. इस पर दरोगा ने उसे रुपये देकर घर भेजा। साथ ही युवक का नाम व सारी जानकारी सहायता केंद्र पर तत्काल उपलब्ध कराते हुए राशन आदि भिजवाए जाने की बात कही।
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आगरा पुलिस
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आगरा में हाईवे पर हर घंटे 300 से 400 लोग पैदल गुजर रहे हैं। कोई हरियाणा के पलवल से आ रहा है तो कोई राजस्थान के भरतपुर से। कोई दिल्ली-गाजियाबाद से ही भूखे-प्यासे पैदल चला आ रहा है। बच्चे को गोदी में उठाए हैं, सिर पर सामान रखे हुए हैं। पैदल जाने वाले लोगों को जगह-जगह खाना और फल बांट रही है।
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आगरा पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
आगरा में पुलिस पूरे जिले के गरीब और असहायों की सूची तैयार कर रही है। साथ ही पुलिस के वाहनों से घर-घर जाकर भोजन वितरण शुरू कर दिया है। एसएसपी बबलू कुमार ने बताया कि जिन इलाकों से राशन और खाने की समस्या के संबंध में कॉल आ रहे हैं, वहां पीआरवी और थाना पुलिस पहुंच रही है। लोगों को राशन और खाना उपलब्ध कराया जा रहा है।
फिरोजाबाद के एसएसपी सचिंद्र पटेल
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लॉकडाउन में ड्यूटी के साथ सेवा धर्म में पुलिस अधिकारी भी जुटे हुए हैं। फिरोजाबाद के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सचिंद्र पटेल ने बस्तियों में जाकर गरीब, बेसहारा, मजदूर एवं रिक्शाचालकों को खाना के पैकेट बांटे। साथ ही कोरोना से बचाव को लेकर जानकारी भी दी। पुलिस की सेवा, समर्पण और संवदेना की यह तस्वीरें शहर के प्रमुख चौराहों पर देखने को मिल जाएंगी।