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चिंताजनक: कोरोना वायरस के 70 फीसदी मरीज हैप्पी हाइपोक्सिया के शिकार, विशेष ख्याल की जरूरत

Sun, 23 May 2021 10:58 AM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
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Happy Hypoxia - फोटो : istock
एसएन मेडिकल कॉलेज में कोरोना संक्रमित मरीजों का इलाज कर रहे वाह्य रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रभात अग्रवाल ने बताया कि दूसरी लहर में मिले कोरोना के करीब 70 फीसदी मरीजों में हैप्पी हाइपोक्सिया मिल रहा है। जिसे साइलेंट हाइपोक्सिया कहते हैं। चौंकाने वाली बातें सामने आ रही हैं। कोरोना संक्रमित मरीजों में बहुत कम ऑक्सीजन के स्तर के साथ बेहोशी या शरीर के अंगों को नुकसान का अनुभव होना चाहिए, लेकिन मरीज ऐसा अनुभव नहीं कर रहे। लक्षण नहीं दिखते। डॉ. प्रभात अग्रवाल ने बताया कि अधिकतर मरीजों में खांसी और जुकाम जैसे लक्षण भी नहीं दिखते हैं। जांच के बाद पता चलता है कि उसका ऑक्सीजन का स्तर बहुत है। वह हैप्पी हाइपोक्सिया की चपेट में है। करोना के सामान्य लक्षण बुखार, गले में दर्द, सिर दर्द, शरीर दर्द, गला खराब होना है। गंभीर स्थिति में सांस फूलना, बेचैनी, सीने में प्रेशर दर्द आदि लक्षण हैं।
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Oxygen - फोटो : iStock
केस:1 बस कमजोरी महसूस होती है
आईएमए के अध्यक्ष व वाह्य रोग विशेषज्ञ डॉ. राजीव उपाध्याय ने बताया कि सेना के एक जवान का इलाज चल रहा है, जो कि हैप्पी हाइपोक्सिया से पीड़ित है। करोना के सामान्य लक्षण बुखार, गले में दर्द, सिर दर्द, शरीर दर्द, गला खराब होना है। गंभीर स्थिति में सांस फूलना, बेचैनी, सीने में प्रेशर दर्द आदि लक्षण हैं। जबकि हैपी हाइपोक्सिया में ये लक्षण नहीं दिखते, महज कमजोरी होती है। धड़कन, बीपी और सांस ठीक रहती है। जब ऑक्सीजन देखते है तो 80- 85 फीसदी होती है। सेना के जवान के मामले में भी यही रहा। 
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ऑक्सीजन प्लांट में सिलिंडर भरता कर्मचारी - फोटो : अमर उजाला
केस दो: जांच में ऑक्सीजन स्तर 90 फीसदी मिला
ट्रांस यमुना कॉलोनी स्थित 34 वर्ष के एक युवक को बुखार आ रहा था। सांस लेने में दिक्कत नहीं थी। एसएन में जांच के बाद पता चला कि ऑक्सीजन का स्तर 90 फीसदी था। वह हैप्पी हाइपोक्सिया से ग्रसित था। समय से जांच हो जाने से उसका उपचार शुरू हो सका।

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कोरोना वायरस - फोटो : अमर उजाला
हैप्पी हाइपोक्सिया क्या है?
जब शरीर में पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं होती है, तो आपको हाइपोक्सिमिया (आपके रक्त में कम ऑक्सीजन) या हाइपोक्सिया (आपके ऊतकों में कम ऑक्सीजन) हो सकता है। हाइपोक्सिमिया हाइपोक्सिया का कारण बन सकता है, शब्द ‘हाइपोक्सिया’ कभी-कभी दोनों समस्याओं का वर्णन करने के लिए एक-दूसरे के लिए प्रयोग किया जाता है। हाइपोक्सिया एक ऐसी स्थिति है जहां रक्त आपके शरीर की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए आपके ऊतकों तक पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं ले जाता है। ऑक्सीजन के बिना, मस्तिष्क, यकृत और अन्य महत्वपूर्ण अंग लक्षणों की शुरुआत के कुछ ही मिनटों में क्षतिग्रस्त हो सकते हैं।
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एसएन मेडिकल कॉलेज के चिकित्सक डॉ. प्रभात अग्रवाल - फोटो : अमर उजाला
हर व्यक्ति में भिन्न हो सकते हैं लक्षण
डॉ. प्रभात अग्रवाल का कहना है कि हैप्पी हाइपोक्सिया के लक्षण एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में भिन्न हो सकते हैं। आम लक्षणों में खांसी, भ्रम की स्थिति, पसीना आना, घरघराहट, तेजी से सांस लेना, हृदय गति तेज या धीमी होना, त्वचा के रंग में परिवर्तन (बैंगनी से लाल तक) आदि हैं। 
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फाइल फोटो - फोटो : सोशल मीडिया
ध्यान रखने की जरूरत 
ऑक्सीमीटर से लगातार रक्त ऑक्सीजन के स्तर को मापते रहें, भले ही आपको मामूली या गले में खराश, खांसी, बुखार, सांस लेने में कठिनाई, सिरदर्द जैसे कोरोना के लक्षण हों।
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