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आगरा: 46 दिन से जनसुनवाई का इंतजार कर रहे 485 फरियादी,मायूस होकर लौटे

Thu, 13 May 2021 10:58 AM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
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आगरा कलक्ट्रेट परिसर में पहुंचे फरियादी - फोटो : अमर उजाला
आगरा दयालबाग निवासी 50 वर्षीय महिला के पति एचआईवी संक्रमित है। उनके दोनों गुर्दे खराब हैं। डायलिसिस कराने के लिए पैसे नहीं हैं। मुख्यमंत्री कोष से सहायता की फरियाद लेकर बुधवार सुबह 10 बजे वह कलक्ट्रेट पहुंची। लेकिन यहां ताले लटके मिले। वह मायूस होकर घर लौट गई। कोविड आपातकाल में जन समस्याओं का निस्तारण 46 दिन से बंद है। पुरानी समस्याएं सुलझी नहीं हैं। 27 मार्च से समाधान दिवस, थाना दिवस, आईजीआरएस पोर्टल व जिलाधिकारी कार्यालय में अब तक की गईं 485 फरियादें अधूरी हैं। नई समस्याओं को दर्ज नहीं किया जा रहा। ऐसे में मरीज मुसीबत में दर-दर भटकने को मजबूर हैं। दयालबाग निवासी महिला ने बताया कि उसके पति को डायलिसिस के दौरान संक्रमित रक्त चढ़ने से एचआईवी का संक्रमण हो गया। शहर के किसी अस्पताल में डबल फिल्टर मशीन नहीं होने के कारण उनकी डायलिसिस नहीं हो पा रही। अलीगढ़ के एक निजी अस्पताल में सुविधा है लेकिन वहां इलाज कराने के लिए पैसा नहीं है। पिछले पांच दिन से सीएमओ, कलक्ट्रेट और अस्पतालों के चक्कर काट रही हूं। मुख्यमंत्री सहायता योजना से मदद के लिए जिलाधिकारी कार्यालय आई, लेकिन यहां दफ्तरों में ताले लटके मिले।
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सदर तहसील का समाधान दिवस का कक्ष - फोटो : अमर उजाला
बाईपुर निवासी रोहित राशन कार्ड के लिए भटकते हुए सदर तहसील में मिले। उन्होंने बताया कि दो महीने पहले ऑनलाइन आवेदन किया था, लेकिन कार्ड नहीं बना। दुकानदार राशन नहीं दे रहा। होमगार्ड हूं। कोरोना कर्फ्यू में मजबूरी में पेट की खातिर शिकायत दर्ज कराने आया, लेकिन दफ्तर बंद मिला। ताजगंज निवासी शाजिया ने बताया कि दिसंबर 2018 में पीएम आवास योजना के तहत घर के लिए आवेदन किया था। नगर निगम का दलाल पांच हजार रुपये ले गया, लेकिन घर नहीं मिला। दो बार शिकायत कर चुकी, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
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आगरा की कलक्ट्रेट में आए चंद लोग - फोटो : अमर उजाला
फरवरी में 75वीं रैंक, मार्च से सुनवाई बंद
जनसुनवाई में फिसड्डी आगरा की फरवरी में सबसे खराब 75वीं रैंक आई थी। मार्च से जनसुनवाई बंद हो गई। पुरानी समस्याएं दूर नहीं हो सकीं। कोरोना कर्फ्यू में फिलहाल कोई सुनवाई की उम्मीद नहीं। ऐसे में बिजली, पानी, सफाई, राशन की शिकायतों के अलावा अवैध कब्जों के मामले बढ़ गए हैं। 
 

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खाली हेल्प डेस्क - फोटो : अमर उजाला
नहीं जुड़ा कनेक्शन
- बिजली कनेक्शन के लिए 30 मार्च को आवेदन किया था। सर्वे के बाद पैसा जमा कर दिया। नया कनेक्शन नहीं जुड़ा। शिकायत भी दर्ज नहीं हो रहीं। - ममता देवी, नुनिहाई

प्रमाणपत्र नहीं बना
14 मार्च को पिताजी गुजर गए। 28 मार्च को वारिसान प्रमाणपत्र के लिए सदर तहसील में आवेदन किया था। डेढ़ महीने बाद भी प्रमाणपत्र नहीं मिल रहा। - गोपाल गुप्ता, बल्केश्वर
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जिलाधिकारी प्रभु एन सिंह - फोटो : अमर उजाला
प्रशासन करे वैकल्पिक व्यवस्था
कोरोना कर्फ्यू में जन शिकायतों की सुनवाई के लिए वैकल्पिक व्यवस्था होनी चाहिए। इस संबंध में मुख्यमंत्री को पत्र लिखेंगे। अफसरों की जवाबदेही तय नहीं होने से समाधान नहीं होता। - नरोत्तम शर्मा, सचिव, जन प्रहरी

कर्फ्यू के बाद होगी समीक्षा
चुनाव आयोग के आदेश पर जनसुनवाई बंद है। कोरोना कर्फ्यू के बाद निस्तारण की समीक्षा होगी। डिफॉल्टर संदर्भों पर संबंधित विभागों से जवाब मांगा जाएगा। - प्रभु एन सिंह, जिलाधिकारी

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