आगरा में कोरोना से जिले में अब तक 37,141 लोग संक्रमित हो चुके हैं, जबकि 467 लोगों की मौत हो चुकी है। दूसरी लहर में सर्वाधिक मौतें हुईं। पहली और दूसरी लहर की अपेक्षा तीसरी लहर में लोगों को कम नुकसान पहुंचा।
जिले में कोरोना का पहला मरीज 5 मार्च 2020 को मिला था। इटली से लौटे खंदारी निवासी जूता कारोबारी में कोरोना की पुष्टि हुई थी। जबकि जिले में कोरोना से पहली मौत 8 अप्रैल 2020 को हुई थी। 76 वर्ष की कोरोना संक्रमित की मौत हुई थी। वहीं अब फिर आगरा जिले में कोरोना ने दस्तक दे दी है। चीन से लौटे 40 वर्षीय युवक की निजी लैब रिपोर्ट और आरटीपीसीआर जांच दोनों पॉजिटिव हैं। इसके बाद नमूना जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए लखनऊ भेजा गया है, जिससे कोरोना के वैरिएंट का पता लग सके।
आगरा: कोरोना वैक्सीन लगवाती महिला
- फोटो : अमर उजाला
हालांकि कोरोना टीकाकरण का लोगों को लाभ मिला। टीकाकरण कराने वाले जो लोग संक्रमित भी हुए उनमें सामान्य लक्षण ही रहे। गंभीर अवस्था में नहीं पहुंचे। कोरोना के मरीज जिले में भले ही 25 नवंबर 2022 के बाद से न मिले हों पर जांचें बंद नहीं की गई थी। नियमित रूप से जांचें की जा रही थीं।
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आगरा में कोरोना संक्रमण बढ़ने पर बाजारों में पैदल गश्त करते अधिकारी (फाइल फोटो)
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अधिकारियों ने ताजमहल, किला व रेलवे स्टेशनों की व्यवस्थाएं देखीं
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. अरुण श्रीवास्तव व अन्य अधिकारियों ने रविवार को ताजमहल, आगरा किला के अलावा आगरा कैंट, फोर्ट व राजामंडी रेलवे स्टेशन और अंतरराज्यीय बस अड्डे पर कोरोना जांच की व्यवस्थाएं देखीं। सभी जगहों पर संदिग्ध मरीजों की जांच की जा रही है। ताजमहल के पूर्वी और पश्चिमी गेट से प्रवेश करने वाले सभी पर्यटकों की थर्मल स्क्रीनिंग की जा रही है। मुख्य चिकित्साधिकारी ने बताया कि संदिग्ध दिखने वाले विदेशी पर्यटकों के नमूने भी लिए गए। पर्यटन स्थलों के साथ रेलवे व बस स्टेशन पर टीमों की सक्रियता और बढ़ा दी गई है।
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आगरा में कोरोना टीकाकरण कराते युवा
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एंटीजन के लिए 10 हजार किट मिली
कोरोना की जांचें अब और बढ़ जाएंगी। स्वास्थ्य विभाग को शासन से कोरोना की एंटीजन जांच के लिए 10 हजार किट और मिल गई है। इससे पहले उपलब्धता कम होने से एंटीजन जांच सभी जगहों पर नहीं की जा रही थी। महज ऑपरेशन के समय एंटीजन जांच की जा रही थी।
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आगरा में कोरोना टीकाकरण
- फोटो : अमर उजाला
‘दो गज दूरी, मास्क है जरूरी’ का खुद पालन करें
मुख्य चिकित्साधिकारी का कहना है कि ‘जो गज दूरी, मास्क है जरूरी’ स्लोगन पर अमल करने के लिए लोगों को जागरूक किया जाएगा। इसके लिए अभियान चलाया जाएगा। लोग कोरोना की तीन लहरों को देख चुके हैं। कोई भी इससे अनजान नहीं है। तमाम लोगों ने इसकी वजह से जान गवाई हैं और आर्थिक नुकसान भी हुआ है। ऐसे में लोगों को खुद भी जागरूक होकर मास्क पहनना चाहिए और सामाजिक दूरी का पालन करना चाहिए।
अस्पतालों में मरीजों को भर्ती करने की तैयारी कर ली गई है। जिला अस्पताल में शनिवार को मॉक ड्रिल कर लिया गया। एसएन मेडिकल कॉलेज में भी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। मंगलवार को मॉक ड्रिल किया जाएगा। मुख्य चिकित्साधिकारी की ओर से भी अस्पतालों को दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। रैपिड रेस्पांस टीमों को सक्रिय कर दिया गया है।
एसएन मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल की ओपीडी में सोमवार को भीड़ होगी। ऐसे में सामाजिक दूरी का पालन कराने की चुनौती होगी। ओपीडी के सामने दोनों जगहों पर गोले बने हुए हैं। एसएन मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता का कहना है कि सोमवार से ओपीडी में सख्ती की जाएगी। मास्क न लगाने वाले लोगों को टोका जाएगा। ओपीडी में बने गोले में ही खड़ा होने के लिए कहा जाएगा।