सिक्किम सड़क हादसे में शहीद हुए एटा के लांसनायक भूपेंद्र सिंह का चार दिसंबर को जन्मदिन था। अरसे बाद ऐसा मौका पड़ा था कि भूपेंद्र सहित परिवार और रिश्तेदारों को छुट्टी मिल रही थी। ऐसे में सभी को आमंत्रित कर पहली बार इतनी धूमधाम से जन्मदिन मनाया गया, लेकिन यह भूपेंद्र का आखिरी जन्मदिन बनकर रह गया। उस दिन को याद कर परिजनों के आंसू थम नहीं रहे हैं।
शहीद भूपेंद्र की कोई सगी बहन नहीं थी। ताऊ की बेटी नेहा परिवार में इकलौती बहन थी। बहनोई लोकेंद्र सिंह ने बताया कि चार दिसंबर को भूपेंद्र सिंह का जन्मदिन था। मेरी शादी के बाद से ऐसा पहली बार हुआ था कि जब भूपेंद्र के जन्मदिन को धूमधाम से मनाया था। परिवार के अधिकांश लोग छुट्टी पर थे। क्या मालूम था कि यह भूपेंद्र का अंतिम जन्मदिन है। यह बात कहते हुए उनका गला भर आया। उन्होंने बताया कि भूपेंद्र ने कभी किसी से गलत बात नहीं की। अपने छोटे भाई से विशेष लगाव रखते थे।