हार नहीं मानूंगा, रार नई ठानूंगा, काल के कपाल पर लिखता मिटाता हूं, गीत नया गाता हूं... पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के इन शब्दों से उनके पैतृक गांव बटेश्वर से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने काल के कपाल पर भविष्य की नई इबारत लिखने की तैयारी कर ली है। बटेश्वर में योगी ने आयकर छापों पर पीड़ित कार्ड खेलने को पूर्व काल की सरकार के भ्रष्टाचार से जोड़कर अगले चुनाव का मुद्दा तय कर दिया तो पार्टी के सर्वोच्च नेता रहे वाजपेयी की यादों और उनके नाम पर विकास योजनाओं को शुरू करने के सहारे लोगों को भावनात्मक रूप से जोड़ा। योगी ने संस्कृत शिक्षकों और उर्दू अनुवादकों की चर्चा छेड़कर अगले चुनाव के मुद्दों को धार दी।
बटेश्वर में शनिवार को अटल की जयंती पर उनकी बहन कमला वाजपेयी की बहू निर्मला दीक्षित ने योगी के सामने मंच से अटल से जुड़ी यादों के संस्मरण सुनाए तो कवयित्री रुचि चतुर्वेदी ने अटल की कविता आओ फिर से दिया जलाएं... के जरिए पूर्व प्रधानमंत्री को श्रद्धांजलि दी।