आगरा के कमला नगर निवासी कपड़ा कारोबारी राहुल अग्रवाल की हत्या में पुलिस को सबसे बड़ा सबूत मिला है। फॉरेंसिक परीक्षण में पाया गया है कि हत्यारोपी मैदा कारोबारी राजीव अग्रवाल की पिस्टल से चली गोली से ही राहुल की जान गई। दूसरा बड़ा सबूत सीसीटीवी फुटेज पुलिस के पास पहले से मौजूद है। अब पुलिस ने हत्यारोपी पर शिकंजा कस दिया है।
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राहुल का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
गौरतलब है कि पिछले साल सात दिसंबर को राहुल सुभाष बाजार में दुकान बंद कर घर जा रहे थे। वह स्कूटी पर थे। मोतीगंज निवासी मैदा कारोबारी राजीव अग्रवाल भी दुकान से घर जा रहे थे। वाटर वर्क्स पर दोनों आमने-सामने आए। कार से स्कूटी की साइड लग गई। पुलिस ने खुलासा किया था कि इसी पर राजीव आपा खो बैठा। दोनों के बीच कहासुनी हुई। राजीव ने पिस्टल निकाली और राहुल को गोली मार दी। राहुल की मौके पर ही मौत हो गई थी। पुलिस ने राजीव को जेल भेज दिया था।
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मृतक की पत्नी श्वेता अग्रवाल
- फोटो : अमर उजाला
फॉरेंसिक साइंस लैब में पुलिस ने राजीव की पिस्टल, राहुल के शव में धंसी मिली गोली और कार में मिला खोखा परीक्षण के लिए भेजे। बैलेस्टिक यूनिट में खोखे पर पड़े पिन का निशान देखा गया। इसी बोर की गोली पिस्टल से चलाकर देखी गई। उसके खोखे पर भी निशान आया। परीक्षण वाले और कार से मिले खोखों के निशान का मिलान किया गया। यह मिल गए। गोली जब असलाह से निकलती है तो एग्जिट मार्क बनता है, बाहर निकलने से ठीक पहले भी रगड़ से निशान बनता है। इस तरह खोखे पर तीन निशान आते हैं। तीनों का मिलान हो गया।
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एसएसपी बबलू कुमार
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस को इसी सबूत का इंतजार था। चार्जशीट तैयार हो चुकी है। इसे अब एएसपी हरीपर्वत के पास भेजा जाएगा। वहां से इसे कोर्ट में दाखिल किया जाएगा। पुलिस अफसरों ने बताया कि सात दिन से ज्यादा समय अब नहीं लगेगा।
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पुलिस की गिरफ्त में हत्या का आरोपी
- फोटो : अमर उजाला
सबूतों का मजबूत शिकंजा
सीसीटीवी फुटेज पुलिस ने पहले दिन ही जुटा लिए थे। राजीव का मौसेरा भाई गवाह बन गया है, उसका बयान कोर्ट में दर्ज हो चुका है। मौका-ए-वारदात पर उसकी लोकेशन पुलिस को मिल चुकी है। राजीव मौके पर वापस आया था, इसके फुटेज भी पुलिस के पास हैं। सबूतों के आधार पर पुलिस ने इस केस को जल्द सजा दिलाने के लिए चिन्हित किया है।