खंदौली के सैमरा गांव में मंगलवार सुबह नौवीं की छात्रा के अपहरण से गुस्से में आए लगभग 200 लोगों ने शाम करीब छह बजे दूसरे समुदाय के दुकानदारों पर हमला बोल दिया। अपहरण का आरोप दूसरे समुदाय के तीन युवकों पर है। बलवाइयों ने 15 दुकानों में तोड़फोड़ कर आग लगा दी और छह घरों में तोड़फोड़ की। पिटाई कर दो दुकानदारों को घायल कर दिया गया। यह पूरा बवाल चार पुलिसकर्मियों की आंखों के सामने हुआ, वे मूकदर्शक बने रहे। थाना पुलिस एक घंटे बाद पहुंची, तब तक बलवाई भाग चुके थे।
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बलवाइयों ने दुकान में लगाई आग को बुझाता पुलिसकर्मी
- फोटो : अमर उजाला
15 वर्षीय छात्रा की सैमरी में ननिहाल है। उसके माता-पिता एटा के जलेसर के पास एक गांव में रहते हैं। छात्रा सुबह गांव के ही स्कूल गई थी। वापस नहीं आई तो दोपहर एक बजे तलाश शुरू हुई। दो बजे हल्ला मचा कि उसके मामा के पास आरोपी आबिद का फोन आया है, उसने धमकी दी है कि पुलिस को मत बताना। दानिश और कैश कई दिन से घर के चक्कर लगा रहे थे, इसलिए उन पर शक गया।
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मौके पर पहुंचे एसएसपी और आईजी
- फोटो : अमर उजाला
आईजी ए सतीश गणेश ने कहा कि हालात पूरी तरह से काबू में है। बवाल के आरोपियों की तलाश की जा रही है। अगर पुलिस की लापरवाही सामने आती है तो जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।
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एसएसपी से बातचीत करते गांव के लोग
- फोटो : अमर उजाला
छात्रा के मामा का कहना है कि रात के आठ बजे तक उन्हें एफआईआर की कॉपी नहीं दी गई। जब अधिकारी गांव में पहुंच गए, तब थाना पुलिस ने कहा कि रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। अगर पुलिस ने तुरंत सुनवाई कर एक्शन लिया होता तो इतना बवाल नहीं होता। घर पर छात्रा की मां का रो-रोकर बुरा हाल था। लोग आ रहे थे और यही कह रहे थे कि पुलिस सुनवाई क्यों नहीं कर रही है? जिसकी बेटी स्कूल से घर न लौटे, उसकी मां का दर्द क्या पुलिस को महसूस नहीं होता है।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि देर रात पुलिस ने अपहृत छात्रा को बरामद कर लिया। मुख्य आरोपी को भी पकड़ लिया। वह भी 11 वीं का छात्र है। गांव के पास ही कॉलेज में पढ़ता है। वह छात्रा को लेकर दिल्ली भागने की फिराक में था। एक सूचना पर पुलिस ने वहां पहुंच गई। वह खुद को नाबालिग बता रहा है। एसएसपी बबलू कुमार ने इसकी पुष्टि की है। उनका कहना है कि आरोपी से पूछताछ की जा रही है।