लोक आस्था के महापर्व छठ के अंतिम दिन व्रती महिलाओं ने उगते हुए सूर्य को अर्घ्य देकर सुख-समृद्धि की प्रार्थना की। शनिवार तड़के ही आगरा के यमुना घाटों पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। सूर्य को अर्घ्य देने के बाद व्रतियों ने निर्जला व्रत तोड़ा। इसी के साथ छठ पूजा का समापन हो गया। इस दौरान घाटों पर छठ मैया के गीत गूंजते रहे।
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यमुना घाट पर श्रद्धालु
- फोटो : अमर उजाला
ब्रज में चार दिवसीय छठ महापर्व की अद्भुत छटा बिखरी। विधि-विधान के साथ छठ मैया और सूर्य देव की आराधना की गई। पहले दिन नहाय-खाय, दूसरे दिन खरना खीर का प्रसाद, तीसरे दिन अस्ताचलगामी (डूबते) सूर्य और चौथे दिन उदयाचलगामी (उगते) सूर्य को अर्घ्य दिया गया।
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छठ पूजा 2020
- फोटो : अमर उजाला
शनिवार तड़के ही श्रद्धालु ठेकुआ, केला, नारियल, पपीता, सेब, अनार, सिंघाड़ा, संतरा, नीबू, अदरक, कद्दू मूली आदि की टोकरी और गन्ना लेकर बल्केश्वर, रामबाग, दशहरा घाट, हाथी घाट, कैलाश घाट पर श्रद्धालु पूजन के लिए पहुंच गए। घाट के किनारे वेदी बनाकर विधि विधान से पूजा की।
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छठ पूजा 2020
- फोटो : अमर उजाला
यमुना के पानी में खड़ी होकर व्रतियों ने उगते हुए सूर्य देव को अर्घ्य दिया। सूर्य देव और छठ मैया से पुत्र की प्राप्ति, पति व पुत्र के दीर्घायु, परिवार में सुख-शांति की कामना की। पूजन के बाद ढोल-नगाड़े की धुन पर श्रद्धालुओं ने नृत्य भी किया। घरवालों ने व्रतियों की सेवा की। शुक्रवार को पूरी रात घर में व्रतियों ने पूजा की।
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छठ पूजा 2020
- फोटो : अमर उजाला
छठ पूजा के दौरान यमुना के घाटों पर छठ मैया के गीत ‘नारियल, केरवा घोउदवा, साजल नदिया किनार, सुनिहा अरज छठी मइया, बढ़े कुल-परिवार’ ‘घाट सजउली मनोहर, मइया तोरा भक्ति अपार, लिहिएं अरग हे मइया, दिहीं आशीष हजार’ गाए गए।
कोरोना संक्रमण को देखते हुए इस बार घाटों पर श्रद्धालुओं की भीड़ कम रही। लोगों ने घरों में और मोहल्ले में पूजा की। घाट पर पहुंचने वाले लोगों को मास्क लगाने के लिए कहा गया। हालांकि फिर भी कुछ लोग बिना मास्क के नजर आए। यमुना घाटों पर पुलिस भी तैनात रही। यमुना घाटों पर विशेष इंतजाम किए गए।