मुगलकालीन पेटिंग में चीता
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89 मुगल पेंटिंगों में छाए हैं चीते
मुगल बादशाहों के जीवन से जुड़ी 89 पेंटिंग ऐसी हैं, जिनमें चीतों के चित्र उकेरे गए हैं। यह शिकार के दौरान शहंशाह अकबर, जहांगीर और शाहजहां के हैं। मुगल बादशाह बाबर के काल में चीतों को पालने या शिकार का कोई जिक्र नहीं है। मुगलिया सल्तनत में चीतों के किस्से अकबरनामा, आईने अकबरी, तुजुक-ए-जहांगीरी, इकबालनामा-ए-जहांगीरी, तवाकात-ए-नासिरी, तारीख-ए-फिरोजशाही, यासिर-ए-जहांगीरी, मिरात-ए-अहमदी, मुंतखब उत तवारीख और मजलिस-ए-जहांगीरी में दर्ज है। जहांगीर ने लिखा है कि 12 से 50 वर्ष की उम्र तक उसने 28,532 जानवरों और 13,964 पक्षियों का शिकार किया। इनमें जानवरों के शिकार में चीतों का इस्तेमाल किया गया, जिसे कमरगाह का नाम दिया गया।