प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आगरा के उद्योगों को बड़ा तोहफा दिया। फाउंड्री नगर स्थित पीपीडीसी में स्टील अथॉरिटी की पुरानी जमीन पर 125 करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित प्रदेश की पहली फ्लैटेड फैक्ट्री का वर्चुअल शिलान्यास किया। लखनऊ के लोकभवन से उन्होंने शिलान्यास का पर्दा उठाया तो आगरा में विधायक डा. धर्मपाल सिंह और डीएम प्रभु एन सिंह ने योजना के शिलापट से पर्दा हटाया। आगरा के उद्यमियों ने फ्लैटेड फैक्ट्री परिसर के शिलान्यास को नया कदम बताया, जो आगरा को प्रदूषण रहित गारमेंट उद्योग का बड़ा सेंटर बना सकता है। लोकभवन में हुए शिलान्यास समारोह का आगरा के पीपीडीसी में लाइव प्रसारण किया गया। 40 साल के बाद आगरा में उद्योगों के लिए किसी प्रोजेक्ट को शुरू किया गया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अब हम फैक्ट्रियों को जमीन पर विस्तार देने की जगह बहुमंजिला बनाएं ताकि जगह बचे। आगरा, कानपुर के बाद गोरखपुर में भी फ्लैटेड फैक्ट्री बनाएंगे। इसी के साथ अपने उत्पादों की गुणवत्ता, डिजायनिंग और पैकेजिंग पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है।
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एत्मादपुर विधायक डॉ. धर्मपाल सिंह
- फोटो : अमर उजाला
एत्मादपुर विधायक डॉ. धर्मपाल सिंह एक ही छत के नीचे कई फैक्टरियों के बनने से जमीन की समस्या दूर होगी तो रोजगार भी बढ़ेंगे। बहुमंजिला घरों की तरह उद्योगों का यह नया कांसेप्ट मेरे क्षेत्र से ही शुरू हुआ है, जो लोगों को रोजगार देगा।
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मौजूद उद्यमी
- फोटो : अमर उजाला
उ.प्र. लघु उद्योग निगम के उपाध्यक्ष राकेश गर्ग ने बताया कि मल्टीस्टोरी फैक्ट्री कॉम्पलेक्स पहला कदम है। ये पूरा करना हमारा सपना है। एक परिसर में ही कच्चा माल, डिजाइनिंग स्टूडियो, बैंक, प्रदर्शनी हॉल, सभाकक्ष, कैंटीन आदि की सुविधा रहेगी। उद्यमियों को यहां पहली बार ऐसी सुविधाएं मिलेंगी, जो अन्य इंडस्ट्रियल एरिया में नहीं मिलीं।
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फ्लैटेड फैक्टरी का मॉडल
- फोटो : अमर उजाला
ये है खासियतें
21530 वर्ग मीटर में फैला होगा फैक्ट्री परिसर
8812 वर्ग मीटर में पहले चरण का निर्माण
200 फैक्टरियां एक साथ हो पाएंगी शुरू
125 करोड़ रुपये की आएगी प्रोजेक्ट पर लागत
04 मंजिला भवन में हर तल तक पहुंचेगी गाड़ी
09 लिफ्ट होंगी फ्लैटेड फैक्टरी परिसर में
04 लाख वर्ग फुट क्षेत्र में किया जाएगा निर्माण
फाउंड्री नगर में प्रस्तावित फ्लैटेड फैक्ट्री परिसर में 200 इकाइयां लग सकेंगी। इसके जरिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से 20 हजार लोगों को रोजगार मिल सकेगा। आगरा में प्रताप नगर, यूपीएसआईडीसी, शास्त्रीपुरम, बोदला, बिचपुरी रोड, अवधपुरी, पश्चिमपुरी, अर्जुन नगर आदि क्षेत्रों में गारमेंट की इकाइयां हैं जो घरों में चल रही हैं। एक साथ फैक्ट्री परिसर में आने पर प्रदूषण रहित उद्योग को प्रोत्साहन मिलेगा तो वहीं सुविधाओं के कारण उनकी लागत में भी कमी आएगी। जूते के बाद आगरा कपड़ा उद्योग का भी बड़ा केंद्र बन सकता है। जिस जगह फ्लैटेड फैक्ट्री परिसर का निर्माण हो रहा है, वह यमुना एक्सप्रेस वे के पास है तथा इनर रिंग रोड के जरिए आगरा लखनऊ एक्सप्रेस वे तक आसानी से माल का परिवहन किया जा सकता है।