आगरा में बाह पिनाहट के 38 गांव में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। कोटा बैराज के 8 गेट खोल कर चंबल नदी में 70 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया है, जिससे शनिवार को 12 घंटे में नदी का जलस्तर 112 मीटर से बढ़कर 120 मीटर हो गया है। नदी का जलस्तर प्रतिघंटा 40 सेमी की दर से बढ़ रहा है।
जलस्तर बढ़ने से डूब गई कछार की फसलें
बाह में चंबल का हाई फ्लड स्तर 136 मीटर और अलर्ट स्तर 127 मीटर है। नदी का जलस्तर बढ़ने से कछार की फसलें डूब गई हैं। बीहड़ से जुड़ने वाले गांव के रास्तों पर पानी भर गया है। पानी बढ़ने से नदी किनारे के रेहा, डगोरा, क्यौरी पुरा, पुरा डाल, पुरा शिवलाल, गुढा, गोहरा, झरनापुरा, रानीपुरा, भटपुरा, भगवान पुरा, मऊ की मडै़या गांव में रतजगा के हालात पैदा हो गए है। वहीं पिनाहट घाट पर स्टीमर का संचालन बंद करा दिया गया है।
विज्ञापन
2 of 5
चंबल नदी का बढ़ रहा जलस्तर
- फोटो : अमर उजाला
लेखपालों के नजर रखने के निर्देश
बाह के एसडीएम रतन वर्मा ने बताया कि नदी किनारे के 38 गांवों के लेखपालों को जलस्तर पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। बाढ़ की स्थिति में प्रभावित परिवारों को विस्थापित करने के लिए 8 चौकियां और तहसील मुख्यालय पर कंट्रोल रूम बनाया गया है।
विज्ञापन
3 of 5
चंबल नदी
- फोटो : अमर उजाला
डरावनी हो गई लहरें
बाह में शनिवार को यमुना का जलस्तर भी 4 फुट और बढ़ गया। बटेश्वर के घाट पर नदी की लहरें डरावनी हो गई है। कछार के खेतों में पानी भरने लगा है। बाह के 33 गांवों के लोगों को कछार की खेती प्रभावित होने की चिंता सताने लगी है। हालांकि अभी बाढ़ के खतरे की कोई सम्भावना नहीं है।
4 of 5
चंबल नदी
- फोटो : अमर उजाला
5 चौकियां बनाईं
बाढ़ की संभावना के मद्देजर 5 बाढ़ चौकियां बनाई गई हैं। यमुना पर बाढ़ चौकी-बटेश्वर (12 गांव), विक्रमपुर (5 गांव), पारना (6 गांव), कचौराघाट (4 गांव), रामपुरचंद्रसैनी (5 गांव) बनाई गई है।
बाह के एसडीएम रतन वर्मा ने बताया कि ताजे वाला बांध से 14089 क्यूसेक, ओखला बैराज से 72890 क्येसेक , गोकुल बैराज से 23342 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। तटवर्तीय ग्रामीणों को अलर्ट कर दिया है।