बाह में चंबल की 26 साल पुराने रिकॉर्ड को तोड़ने वाली बाढ़ के शुरूआती सर्वे में 85.09 लाख रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया गया है। 19 गांवों में 158 परिवारों को बाढ़ ने बेघर कर दिया। जबकि 1122 हेक्टेयर जमीन रकवे में किसानों की फसलें तबाह हो गई। मुआवजा वितरण की प्रक्रिया शुरू होते ही बाढ़ में प्रभावित परिवार मुआवजे के लिए प्रशासन का मुंह ताक रहे हैं।
चंबल की बाढ़ की चपेट में बाह के 38 गांव आए थे। बाजरा और तिल की फसलें तबाह हो गई थी। 20 गांवों में बाढ़ घर और गृहस्थी तक बहा ले गई थी। प्रभावित परिवार दाने-दाने को मोहताज हो गए हैं। चंबल की बाढ़ में हुए नुकसान की शुरूआती सर्वे रिपोर्ट सामने आई है। जिसमें 19 गांवों में 1839 किसानों की 1122 हेक्टेयर में फसलें नष्ट होने की बात सामने आई है। जिसका मुआवजा 76,29,600 रुपये निर्धारित हुआ है, जबकि 158 मकान बाढ़ की भेंट चढे़ हैं। जिनमें 133 पक्के, 5 कच्चे और 20 झोपड़ियां शामिल हैं। जिसका मुआवजा 2.2 लाख निर्धारित हुआ है। सोमवार को पूर्वमंत्री अरिदमन सिंह ने गोहरा, भगवानपुरा के 11 किसानों को प्रमाणपत्र देकर मुआवजा वितरण की शुरूआत की थी।
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चंबल में बाढ़
- फोटो : अमर उजाला
मुआवजा वितरण की प्रक्रिया शुरू होते ही बाढ़ में तबाह हुए परिवार आर्थिक मदद के लिए प्रशासन का मुंह ताक रहे हैं। गुढ़ा के हजूरी, झरनापुरा के नेत्रपाल वर्मा, रानीपुरा के महेश यादव आदि ने बताया कि अभी तक मुआवजा नहीं मिल सका है। एसडीएम बाह रतन वर्मा ने बताया कि मुआवजे की राशि प्रभावित परिवार के मुखिया के खाते में जमा कराई जा रही है। कोई भी पीड़ित मदद से वंचित नहीं रहेगा।
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चंबल में बाढ़
- फोटो : अमर उजाला
इन गांवों की है रिपोर्ट
खेड़ा राठौर, बमरौली, बरैंडा, क्योरी, कुंवर खेड़ा, मऊ, पिनाहट, सिमराई, विपरावली, पुरा भगवान, रानीपुरा, रेहा, उमरैठा, बासोनी, चीकनीपुरा, जेबरा, गोहरा, गोंसली, गुढ़ा आदि है।
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चंबल नदी में बाढ़
- फोटो : अमर उजाला
उमरैठा, पुरा भगवान में सबसे ज्यादा नुकसान
बाढ़ में उमरैठा और पुरा भगवान में सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। सर्वे के मुताबिक उमरैठा में 67 तथा पुरा भगवान में 50 पक्के मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं। दोनों गांवों में बाढ़ का पानी 10-10 झोपड़ियों को बहा ले गया। उमरैठा में एक मकान का नामोनिशान तक नहीं मिला। उमरैठा में फसलों में भी ज्यादा नुकसान हुआ है। यहां 350 किसानों की 152 हेक्टेयर में फसल नष्ट हुई है।
गोहरा में 350 किसानों की 280 हेक्टेयर, रेहा में 102 किसानों की 110 हेक्टेयर, कुंवर खेड़ा में 110 किसानों की 100 हेक्टेयर, पुरा भगवान में 180 किसानों की 98 हेक्टेयर, क्योरी में 80 किसानों की 90 हेक्टेयर, पिनाहट में 100 किसानों की 85 हेक्टेयर रकवे में फसलें नष्ट हुई हैं।