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हेलीकॉप्टर हादसा: शहीद हुआ आगरा का लाल, बेटे पृथ्वी का दिया तोहफा देख बार-बार रो रहे पिता, कहा था-ये घड़ी आपके लिए, कभी नहीं रुकेगी

Thu, 09 Dec 2021 10:04 AM IST
Abhishek Saxena अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
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आगरा: पृथ्वी के शहीद होने की जानकारी मिलने पर शोकाकुल मां - फोटो : अमर उजाला
गम में डूबा है सरन नगर का चौहान निकेतन तो गमजदा है पूरा शहर। हो भी कैसे ना, नियति ने हमसे हमारा पृथ्वी सिंह जो छीन लिया। वह पृथ्वी जो वायुसेना का एमआई 17 आसमान में उड़ाता तो आगरा गर्वित होता था, जिसकी जाबांजी के किस्से सुन पिता सुरेंद्र फूले नहीं समाते थे और मां सुशीला के हर्ष का पारावार नहीं रहता था। आज वह इतना दूर चला गया। सबको सुबकता छोड़ गया। बस यादें रह गई हैं, जो तस्वीरों में हैं। पिता को गर्व होता है बेटे के साहस पर, लेकिन बेटे की पुरानी तस्वीरें देख गला रुंध जाता है। याद आता है पृथ्वी का वह बचपन, जब वह हेलिकॉप्टर उड़ाने के सपने बुन रहा था। सपने पूरे भी किए, आसमान में उड़ान भरी, देश की सेवा की, पर बुधवार की शाम पिता सुरेंद्र के पास जब बड़ी बेटी ने कॉल कर हादसे की सूचना दी तो, गहरा झटका लगा। एक बार भरोसा नहीं हुआ। पर क्या करते, कोई चारा भी नहीं था। हिम्मत कर परिवार में यह बात साझा की तो, सब गम में डूब गए। 
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आगरा: विलाप करती मां - फोटो : अमर उजाला
ओ बेटा, ओ मेरा बच्चा  
विंग कमांडर पृथ्वी सिंह चौहान की मां सुशीला का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। बेटियां और आस पड़ोस की महिलाएं उन्हें ढांढस बंधा रही थीं। बेटे के निधन के सदमे में मां के मुंह से बार बार यही शब्द निकल रहे थे, ओ बेटा, ओ मेरा बच्चा। रोते रोते जब सुशीला की हालत तक खराब होने लगी। परिवार के लोग उन्हें किसी तरह संभालने में लगे रहे। बार बार उन्होंने बेड पर लिटाते और कहते चुप हो जाओ, तुम्हारी तबीयत खराब हो जाएगी, लेकिन मां तो मां होती है, कैसे भूले अपने बेटे की यादों को। 
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घर पहुंचे पुलिस-प्रशासन के अधिकारी - फोटो : अमर उजाला
अफसोस: 11 घंटे बाद पहुंचा प्रशासन का पहला अधिकारी अफसोस जताने 
पापा... ये घड़ी आपके लिए। कभी नहीं रुकेगी। काश! आज इस घड़ी का समय रुक जाए। बेटा... मुझे ऐसी घड़ी नहीं चाहिए। समय तू रुक जा। इतना कहकर विंग कमांडर पृथ्वी सिंह चौहान के पिता सुरेंद्र सिंह चौहान सिसकने लगते हैं। आसपास के लोग कहते है कि विंग कमांडर पृथ्वी के लिए प्रशासन की ओर से 11 घंटे बाद भी कोई प्रशासनिक अधिकारी संवेदना प्रकट करने नहीं पहुंचा। रात 10:05 मिनट पर प्रशासन की ओर से सबसे पहले एसीएम-2 कृष्मानंद तिवारी पहुंचे। उस घर में आज सन्नाटा पसरा था, जिस घर से आसमान की ऊंची उड़ान के सपने देखने वाली युवा पीढ़ी को सीख दी जा रही थी। 

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समाचारों से पृथ्वी की जानकारी लेते परिजन - फोटो : अमर उजाला
पृथ्वी का फोन स्विच ऑफ मिला तो बढ़ गई धड़कने
दोपहर में पृथ्वी की बड़ी बहन शकुंतला ने टीवी पर हेलीकॉप्टर हादसे में सीडीएस जनरल बिपिन रावत के निधन की खबर देखी तो भाई के नंबर पर कॉल किया तो स्विच ऑफ निकला। इस पर अनहोनी की आशंका पर पृथ्वी की पत्नी कामिनी से संपर्क किया, जिन्होंने पृथ्वी के हेलीकॉप्टर हादसे में शहीद हो जाने की जानकारी दी। यह सुनते ही शकुंतला के पैरों से मानो जमीन खिसक गई। उनके परिजनों ने उन्हें संभाला। 
 
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पृथ्वी के परिजन - फोटो : अमर उजाला
छत पर कल नही आईं चिड़िया: युवराज सिंह चौहान  
विंग कमांडर पृथ्वी को चिड़ियों की उड़ान काफी रास आती थी। यही कारण था कि वो यहां रहते भले ही नहीं थे, फिर भी उस छत पर चिड़ियों के दाना डालने की परंपरा को नहीं भूलते थे, जिनसे उन्होंने उड़ान भरने के सपने देखे थे। यही कारण था कि उनकी शहादत के बाद भी उनके पुश्तैनी मकान में चिड़ियों के दानों से भरा थैला घर के आंगन में रखा था। पृथ्वी के भाई युवराज सिंह चौहान का कहना है कि हर रोज घर की छत पर पंछियों के लिए दाने डाले जाते थे। आज शाम चिड़िया दाने खाने भी नहीं आईं। 
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पृथ्वी की परिवार के साथी ली गई सेल्फी - फोटो : अमर उजाला
राखी बंधवाने आए थे पृथ्वी, अब किसे बांधूंगी 
विंग कमांडर पृथ्वी चार बहनों के इकलौते भाई थे। उनकी दो बहनें आगरा में ही रहती हैं। हेलिकॉप्टर हादसे में निधन की खबर सुनकर बदहवास दौड़ी चलीं आईं बहन मीना की आंखों से आंसू रुक नहीं रहे। मीना ने बताया कि रक्षाबंधन पर पृथ्वी सिंह घर आए थे। तब बहनों ने अपने प्यारे भाई को राखी बांधी। फोन पर वह संपर्क में रहते थे। तीन दिन पहले ही मां सुशीला चौहान की आंख का ऑपरेशन कराने को लेकर पिता से बात हुई थी। पृथ्वी ने आगरा के मिलिट्री हॉस्पिटल में मां के आंख के इलाज के लिए कहा था, लेकिन उससे पहले ही पृथ्वी उनकी आंखों से ओझल हो गए। पिता सुरेंद्र सिंह हाथों में बेटे की तस्वीर लिए सुबकते रहे और बोले कि बेटा बचपन से ही आसमान की ऊंचाईयों को छूना चाहता था। आर्मी स्कूल में दाखिले के बाद एयफोर्स ज्वाइन की। फोन पर मां के इलाज के लिए कहा था। 
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