पश्चिम बंगाल में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर फ्लैग मीटिंग के बाद बांग्लादेश के बॉर्डर गार्ड ऑफ बांग्लादेश (बीजीबी) ने भारत के सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के गश्ती दल पर पीठ पीछे वार किया है। इस उकसावे की कार्रवाई में उत्तर प्रदेश निवासी बीएसएफ के हेड कांस्टेबल विजयभान सिंह शहीद हो गए, जबकि एक जवान घायल है।
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शहीद विजयभान
- फोटो : अमर उजाला
शहीद विजय भान उत्तर प्रदेश में फिरोजाबाद के चमरौली गांव के निवासी थे। वह 1990 में बीएसएफ में शामिल हुए थे। शहीद के परिवार में उनकी पत्नी और दो बेटे हैं।
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शहीद विजयभान का परिवार
- फोटो : अमर उजाला
घायल राजवीर ने जान पर खेलकर बीएसएफ की बाकी टीम को बचाया। उन्होंने गोलीबारी के बीच में मोटर बोट को डूबने से बचा लिया। वह सुरक्षित रूप से मोटर बोट को भारतीय इलाके में ले आए।
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शहीद के परिजनों को ढांढस बंधाते ग्रामीण
- फोटो : अमर उजाला
सूत्रों के मुताबिक, यह घटना बृहस्पतिवार सुबह लगभग नौ बजे मुर्शिदाबाद जिले में काकमरीचर सीमा चौकी पर हुई। दरअसल, तीन भारतीय मछुआरे पद्मा नदी में मछली पकड़ने गए थे। अंतरराष्ट्रीय सीमा तीन किमी चौड़ी पद्मा नदी के बीचोंबीच से होकर गुजरती है। बीजीबी ने इस दौरान तीनों मछुआरों को पकड़ लिया। बाद में इनमें से दो को बीजीबी ने यह कहते हुए छोड़ दिया कि वे बीएसएफ को तीसरे मछुआरे के पकडे़ जाने के बारे में बताएं।
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शहीद विजयभान का परिवार के साथ फोटो (फाइल)
- फोटो : अमर उजाला
यह सूचना मिलते ही 117वीं बटालियन के बीएसएफ पोस्ट कमांडर, एक सब इंस्पेक्टर समेत छह सदस्यीय टीम एक मोटर बोट पर सवार होकर इस मामले को सुलझाने के लिए मौके पर पहुंची। मगर, बीजीबी के जवानों के तेवर उन्हें ठीक नहीं लगे तो टीम अपनी पोस्ट की ओर लौटने लगी। इस बीच, बीजीबी के सैयद नाम के एक जवान ने एके-47 से बीएसएफ टीम पर पीछे से ताबड़तोड़ गोलीबारी कर दी। एके-47 से चली एक गोली विजय भान सिंह के सिर में लगी। वह बोट पर ही शहीद हो गए। वहीं, एक गोली जवान राजवीर यादव के हाथ में लगी।
शहीद बीएसएफ जवान की पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल
- फोटो : अमर उजाला
भारत और बांग्लादेश के बीच 4,096 किमी की अंतरराष्ट्रीय सीमा है। ताजा घटनाक्रम को देखते हुए सीमा से सटे इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। यह हाल के वर्षों में अपने किस्म की पहली घटना है। भारत से लगी 4096 किमी लंबी सीमा पर तैनात दोनो देशों के सुरक्षा बलों के बीच आमतौर पर मधुर संबंध हैं। शहीद के परिजनों को शव आने का इंतजार है। परिवार में विजयभान की शहादत पर गर्व है।