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Bhai Dooj 2021: मथुरा के विश्राम घाट पर उमड़े श्रद्धालु, लंबी उम्र के लिए यमुना में लगाई आस्था की डुबकी

Sat, 06 Nov 2021 12:14 PM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला नेटवर्क, मथुरा
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ऐतिहासिक विश्राम घाट पर श्रद्धालुओं की भीड़ - फोटो : अमर उजाला
भाई-बहन के अटूट प्रेम का त्योहार भाई दूज शनिवार को धूमधाम मनाया गया। कान्हा की नगरी मथुरा में इसे लेकर अलग ही धार्मिक मान्यता है। भैया दूज को यम द्वितीया भी कहते हैं। मान्यता है कि भैया दूज के दिन भाई-बहन यमुना में साथ स्नान करें तो यम की फांस से मुक्त हो जाते हैं। अकाल मृत्यु नहीं होती है। इसी श्रद्धा भाव के साथ मथुरा के ऐतिहासिक विश्राम घाट पर यमुना स्नान के लिए आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। शनिवार को ब्रह्म मुहूर्त से ही यमुना स्नान शुरू हो गया। यम की फांस से मुक्ति पाने की कामना लेकर गुजरात, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश सहित विभिन्न क्षेत्रों से हजारों श्रद्धालु यहां पहुंचे। भाई-बहनों ने एक-दूसरे का हाथ पकड़कर यमुना में डुबकी लगाई। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा को लेकर पुलिस प्रशासन द्वारा व्यापक इंतजाम किए गए।
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ऐतिहासिक विश्राम घाट पर श्रद्धालुओं की भीड़ - फोटो : अमर उजाला
कार्तिक मास शुक्ल पक्ष द्वितीया तिथि को भ्रातृ द्वितीया यम द्वितीया के नाम से जाना जाता है जो कि इस बार 6 नवंबर शनिवार को अनुराधा नक्षत्र एवं शोभन योग में मनाया गया। मथुरा के विश्राम घाट पर सदियों से यम द्वितीया पर बहन-भाई के स्नान की परंपरा चली आ रही है। 
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ऐतिहासिक विश्राम घाट पर श्रद्धालुओं की भीड़ - फोटो : अमर उजाला
दीपक ज्योतिष भागवत संस्थान के निदेशक ज्योतिषाचार्य कामेश्वर चतुर्वेदी ने बताया कि भविष्य पुराण के अनुसार यमराज अपनी बहन यमुना के घर आए थे। यमुना जी ने स्नान कराया एवं नए वस्त्र पहनने को दिए। अपने हाथों से भोजन बनाकर भैया यमराज को भोजन कराया। टीका एवं अच्छत लगाकर पान खिलाया। 

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विश्राम घाट पर श्रद्धालुओं की भीड़ - फोटो : अमर उजाला
यमुना के आदर-सत्कार से यमराज ने प्रसन्न होकर वरदान मांगने का आग्रह किया। यमुना ने कहा कि भैया दूज के दिन जो भाई-बहन यहां स्नान करें तो आप उनको यम फांस और नरक से मुक्ति दे दें। इस पर यमराज ने यमुना को ये वरदान दिया। तभी से विश्राम घाट पर भाई दूज के दिन भाई-बहन एक-दूसरे का हाथ पकड़ कर स्नान करते हैं। इसी श्रद्धा भाव से शनिवार को यहां श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। 
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विश्राम घाट पर श्रद्धालुओं की भीड़ - फोटो : अमर उजाला
यमुना को भगवान श्रीकृष्ण की पटरानी और यमराज को यमुना का भाई कहा जाता है। मथुरा में यमुना के तट पर विश्रामघाट पर यमुना और यमराज का मंदिर भी स्थापित है। यम द्वितीया के दिन स्नान के बाद भक्तजन मां यमुना और यमराज के दर्शन और पूजा-अर्चना करते हैं।
 
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