ताज महोत्सव के मुक्ताकाशीय मंच से मीत ब्रदर्स ने बृहस्पतिवार की रात जोशीली आवाज का जादू बिखेरा, तो सारा माहौल मस्ती से भर गया। दो घंटे तक शहर के युवा दिलों की धड़कनें तेज करते रहे। महोत्सव में युवा खासतौर से मीत ब्रदर्स (मनमीत सिंह और हरमीत सिंह) को सुनने और देखने के लिए उत्सुक दिखाई दिए।
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मीत ब्रदर्स ने बांधा समां
- फोटो : Amar Ujala
एक घंटे की देरी के बाद रंग बिरंगी रोशनी में नहाते मुक्ताकाशीय मंच पर मीत ब्रदर्स आए, तो युवाओं ने उनका जोरदार स्वागत किया। इसके बाद शुरू हुए गानों का दौर देर रात तक चलता रहा। फिल्म बागी के गाने ‘छम-छम’ पर लोगों के एक बार जो पैर थिरकने शुरू हुए, तो फिर चिट्ठियां कलाइयां बे, टट्यां कलाइयां वे... तक चलता रहा।
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मीत ब्रदर्स ने बांधा समां
- फोटो : Amar Ujala
'किन्ना सोना तेनू' और 'बेबी डॉल' पर युवा काफी देर तक झूमते रहे। 'राधे-राधे' और 'हाई हिल' पर मुक्ताकाशीय मंच में मौजूद युवाओं ने जमकर धमाल किया। मीत ब्रदर्स के साथ आई उनकी संगीत की टीम ने स्टेज पर एक घंटे पहले से तैयारियां शुरू कर दी थीं। इस दौरान बीच-बीच में बजने वाली ढोलक, तबले, सिथेसाइजर, गिटार, ड्रम की धुनों ने दर्शकों को काफी लुभाया।
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मीत ब्रदर्स ने बांधा समां
- फोटो : Amar Ujala
मीत ब्रदर्स के साथ मुक्ताकाशीय मंच के बगल से युवाओं में सेल्फी लेने की होड़ लगी रही। सेल्फी लेने का सिलसिला एक बार जो शुरू हुआ, तो फिर पंद्रह मिनट तक सेल्फी लेने का दौर चलता रहा। खासतौर से युवतियों में उनके साथ सेल्फी लेने की काफी उत्सुकता देखी गई। खास बात यह रही कि मीत ब्रदर्स ने भी युवाओं को सेल्फी लेने से नहीं रोका।
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ताज महोत्सव 2020
- फोटो : Amar Ujala
शिल्पग्राम में नई दिल्ली से आईं शास्त्रीय संगीतज्ञ कशिश मित्तल के सुर, लय और ताल ने कार्यक्रम को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया। शास्त्रीय संगीत सुनने के शौकीनों को गायकी के दौरान उतरती और चढ़ती स्वर लहरियों ने काफी लुभाया। इससे पहले कोलकाता से आईं रत्ना दत्ता ने भरतनाट्यम और कथक की प्रस्तुति दी। कथक में पैरों की थिरकन पर घुंघरूओं की आवाज सुन दर्शक वाह-वाह कर उठे। उनकी शानदार प्रस्तुति पर पंडाल में मौजूद दर्शक काफी देर तक तालियां बजाते रहे।
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बांसुरी वादक
- फोटो : Amar Ujala
मुक्ताकाशीय मंच से शाम को बांसुरी की सुरीली धुन की खुमारी एक बार जो दर्शकों में चढ़ी, तो इसका असर एक घंटे से भी अधिक समय का रहा। देश में फ्ल्यूट सिस्टर्स के नाम से प्रख्यात मुंबई से आईं देव प्रिया और सुष्मिता चटर्जी ने एक बार जो बांसुरी बजानी शुरू की, तो दर्शक मंत्रमुग्ध हो गए।
भजन गायिका श्रेया शुक्ला के सुरों से ताज महोत्सव की शाम भक्तिमय हो गई। उनकी सुरीली आवाज ने दर्शकों को काफी आकर्षित किया। उन्होंने प्रेम मुदित मन से कहो, राम, राम, राम से भजन संध्या की शुरुआत की। अंत में उनके द्वारा प्रस्तुत किए गए भजन राम का गुणगान करिए ने पूरे माहौल का काफी देर तक भक्तिमय बना दिया। उनके साथ सिंथेसाइजर पर मयंक सिंह, बांसुरी पर विमलकांत, आक्टोपेड पर अरुण मिश्रा और तबले पर शेख मोहम्मद इब्राहिम ने संगत दी।