आगरा जिले के बाह क्षेत्र में आये दिन मगरमच्छ गांवों में घुस रहे हैं। इससे ग्रामीण दहशत में हैं। कलींजर गांव में एक मगरमच्छ के घुसने से दहशत फैल गई। इस दौरान मगरमच्छ के हमले से वन दरोगा राजेश सिंह बाल-बाल बच गए। करीब दो घंटे के रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद पकड़े गए मगरमच्छ को चंबल नदी के नंदगवां घाट पर छोड़ दिया।
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मगरमच्छ को काबू में लेती वन विभाग की टीम
- फोटो : अमर उजाला
कलींजर गांव यमुना नदी से 500 गज की दूरी पर बसा है। गुरुवार की रात यमुना से निकला मगरमच्छ कलींजर गांव में घुस आया। कुत्तों के भौंकने पर जागे ग्रामीण मगरमच्छ को देखकर दहशत में आ गए।
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मगरमच्छ
- फोटो : अमर उजाला
ग्रामीणों ने गली में मगरमच्छ को घेर लिया और वन विभाग की टीम को बुला लिया। रेस्क्यू के दौरान मगरमच्छ के हमले से वन दरोगा राजेश सिंह बाल-बाल बच गए। दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद मगरमच्छ को पकड़ लिया गया।
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मगरमच्छ
- फोटो : अमर उजाला
डिप्टी रेंजर ललित कुमार के नेतृत्व में राजेश सिंह, योगेश कुमार, त्रिलोकी, अभिषेक राठौर की टीम द्वारा मगरमच्छ को पकड़ लिए जाने के बाद ही ग्रामीणों की जान में जान आई। वन विभाग की टीम ने मगरमच्छ को चंबल नदी के नंदगवां घाट पर छोड़ दिया है।
उधर, अटेर घाट पर ऊंट को पानी पिला रही दिन्नापुरा गांव की 15 साल की रानी को मगरमच्छ चंबल नदी में खींच ले गया। उसकी चीख-पुकार सुनकर पर पहुंचे चरवाहों ने मगरमच्छ को डंडों से पीट पीटकर रानी को मुक्त कराया। उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।