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एटा में बाघ ने फैलाई दहशत: रेस्क्यू में आठ जिलों की टीमें लगीं, तब जाकर पिंजड़े में किया गया कैद

Sun, 06 Mar 2022 01:55 PM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला नेटवर्क, एटा
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टीनशेड पर बैठा टाइगर - फोटो : अमर उजाला
एटा के गांव नगला समल में रविवार सुबह से दहशत में फैली हुई है इसकी वजह बना एक बाघ..., जो न जाने कहां से गांव में घुस आया है। सुबह करीब सात बजे बाघ ने दो ग्रामीणों पर हमला कर दिया। जिससे दोनों घायल हो गए। इसके बाद बाघ गांव के एक मकान की टीनशेड पर जाकर बैठ गया। गांव में बाघ के घुसने की खबर जंगल में आग की तरह फैल गई। सैकड़ों ग्रामीण लाठी-डंडे, भाले लेकर मकान के चारों ओर जमा हो गए। जब बाघ दहाड़ा तो लोग दहल गए। सूचना पर वन विभाग और पुलिस की टीम गांव में पहुंच गई, लेकिन संसाधन नाकाफी होने के कारण बाघ को पकड़ने की कोई भी हिम्मत नहीं जुट सका। 

स्थानीय अधिकारियों की सूचना पर इटावा लायन सफारी, अलीगढ़, कासगंज, हाथरस से वन विभाग की टीमें गांव में पहुंच गई। साथ ही आगरा से वाइल्डलाइफ एसओएस की रैपिड रेस्क्यू टीम भी एंबुलेंस लेकर पहुंच गई। आठ टीमों ने मिलकर बाघ को बेहोश किया। लेकिन जैसे ही बाघ को होश आया, वह फिर दहाड़ उठा। लोग डर कर दूर भाग गए। लगभग आठ घंटे बाद बाघ पकड़ा जा सका है। 
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बाघ को देखने के लिए मकान के पास खड़े ग्रामीण - फोटो : अमर उजाला
शीतलपुर ब्लॉक क्षेत्र के गांव नगला समल में रविवार की सुबह इस बाघ ने दो लोगों को घायल कर दिया। इनमें से एक को मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया, जबकि दूसरे को स्थानीय स्तर पर उपचार दिया गया। गांववालों ने पुलिस और वन विभाग को सूचना दी। पहले पुलिस की टीम ही मौके पर पहुंची, जो बाघ को पकड़ने में असहाय बनी रही। वन विभाग की ओर से बताया जा रहा था कि टीम को एकत्रित किया जा रहा है। 
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टीनशेड पर बैठा बाघ - फोटो : अमर उजाला
बाघ गांव के बाहर बने एक मकान की टीनशेड पर बैठा हुआ हुआ था। जब वह दहाड़ता तो पूरा इलाका दहल जाता था। जिले के अधिकारियों की सूचना पर इटावा लायन सफारी, अलीगढ़, कासगंज, हाथरस से वन विभाग की टीमें गांव में पहुंच गईं। आगरा से वन्यजीव संस्था वाइल्डलाइफ एसओएस की रैपिड रेस्क्यू टीम को भी बुलाया गया। 

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रैपिड रेस्क्यू टीम के सदस्य - फोटो : अमर उजाला
वाइल्डलाइफ एसओएस की टीम एंबुलेंस और रेस्क्यू उपकरणों के साथ मौके पर पहुंची। बाघ मकान की दूसरी मंजिल पर बैठा था, जिससे रेस्क्यू आसान नहीं था। टीमों ने बेहद सावधानी से ट्रैंक्वलाइजर गन से बाघ को पहले बेहोश किया। इसके बाद उसे जाल में बंदकर नीचे उतारा। इस बीच उसे होश आ गया, जिससे रेस्क्यू टीम के सदस्य डर गए। काफी मशक्कत के बाद उसे पिंजरे में बंद किया जा सका। 
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छह घंटे के बाद किया जा सका रेस्क्यू - फोटो : अमर उजाला
वाइल्डलाइफ एसओएस आगरा की रैपिड रेस्क्यू टीम ने बताया कि यह बंगाल टाइगर है। उसे पकड़ लिया गया है। वहीं एटा वन विभाग के अधिकारी हैरान हैं कि यह बाघ आखिर जिले में पहुंचा कैसे ? 
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