आगरा: दयालबाग में बनाया गया द्वार
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एमबीए की छात्रा प्रीती ने बताया कि पूरे वर्ष इस बेला का इंतजार किया जाता है। सजावट के माध्यम से अपनी भावनाएं व्यक्त की जाती हैं। एक हफ्ते से पहले से सजावट चल रही है। कक्षा 11 के छात्र मेहर सत्संगी ने बताया कि वसंत से हर नए काम की शुरूआत की जाती है। इसलिए इस उत्सव को यादगार बनाने का प्रयास किया जाता है। रोजी परमार ने कहा कि गुरु महाराज कॉलोनियों का भ्रमण करते हैं, उनके लिए पूरे मनोयोग से सजावट की जाती है।