मथुरा के वृंदावन में एक बार फिर वीकेंड पर ठाकुर श्रीबांकेबिहारी मंदिर में दर्शन की व्यवस्था को लेकर पुलिस प्रशासन ने नया प्रयोग किया। यह प्रयोग ज्यादा देर तक नहीं चल सका। करीब दो घंटे बाद ही लाल रिबन व्यवस्था ध्वस्त हो गई। मंदिर में भीड़ के बढ़ते दबाव के कारण पुलिसकर्मी मौके से निकल लिए। शनिवार को पुलिस ने श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए सुबह से ही मंदिर के प्रवेश मार्गों पर लाइनें लगवा दीं। यहां से एक-एक करके श्रद्धालुओं को मंदिर में प्रवेश दिया गया।
इस तरह दिया गया प्रवेश
मंदिर के अंदर भी बैरिकेडिंग की गई। प्रांगण में लाल रिबन से लोगों के दर्शन की व्यवस्था की। सुबह लगभग 11 बजे तक मंदिर प्रांगण और मंदिर के प्रवेश मार्ग श्रद्धालुओं की भीड़ से खाली नजर आ रहे थे, दूसरी ओर सड़कों पर श्रद्धालुओं की लाइन देखकर लोग प्रशासन की व्यवस्था को भी कोसते दिखे।
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भक्तों की लगी लाइन
- फोटो : अमर उजाला
अठखंभा बाजार स्थित मोटा गणेश मंदिर, इधर रमणरेती पर हाडा कुटीर और बांकेबिहारी कॉम्लेक्स तक भक्तों की लाइन लगी दिखी। विद्यापीठ चौराहा से बांके बिहारी मंदिर की ओर जाने के लिए लोग लाइन में लगने के लिए जद्दोजहद करने लगे, जिससे वहां हालत काबू करने के लिए पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी। अपने आराध्य की एक झलक पाने के लिए लोगों को घंटों लाइन में खड़े होकर इंतजार करना पड़ा।
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बांकेबिहारी मंदिर में भक्तों की भीड़
- फोटो : अमर उजाला
मंदिर में एक-एक कर दर्शन कराने के दौरान सुबह करीब सवा 11 बजे के बाद भीड़ का सब्र जवाब दे गया। बड़ी संख्या में भक्त मंदिर में जबरन प्रवेश कर गए। इससे मंदिर में सुरक्षा और व्यवस्था के लिए तैनात किए गए पुलिसकर्मी निकल लिए।
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बांकेबिहारी मंदिर में भक्तों की भीड़
- फोटो : अमर उजाला
मंदिर और मंदिर तक पहुंचने वाली गलियों में लोगों की भीड़ दिखाई दी। एसपी सिटी एमपी सिंह का कहना है कि पुलिस की हर व्यवस्था श्रद्धालुओं की सहूलियत के लिए ही की जा रही है।
बांकेबिहारी मंदिर की कुंज गली में भीड़
- फोटो : अमर उजाला
व्यापार हुआ प्रभावित
पुलिस और प्रशासन की आए दिन किए जा रहे प्रयोग आम लोगों के साथ व्यापार पर भी विपरीत असर डाल रहे हैं। मंदिर में दर्शन की लाइन लगाने और बैरिकेडिंग करने से स्थानीय लोग अपने घरों में कैद होकर रह गए हैं वहीं व्यापारियों का व्यापार ठप हो गया है। मंदिर के आसपास रहने वाले लोगों को रोजमर्रा के काम निपटाने के लिए और बच्चों को स्कूल जाने में परेशानी का सामना करना पड़ता है।