आगरा में आयोजित ब्रिक्स एमएसएमई फोरम-2026 में यूपी सरकार ने 5.36 बिलियन डॉलर से अधिक निर्यात और 3.16 लाख रोजगार सृजन की उपलब्धियां गिनाईं। मंत्री भूपेंद्र चौधरी ने कहा कि ओडीओपी योजना की बदौलत उत्तर प्रदेश आज देश की एमएसएमई राजधानी बनकर उभरा है।
आगरा के फतेहाबाद रोड स्थित ताज कन्वेंशन सेंटर में आयोजित ब्रिक्स एमएसएमई फोरम-2026 में शुक्रवार को प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री भूपेंद्र चौधरी ने यूपी के विकास की तस्वीर पेश की। कहा कि एक जिला एक उत्पाद (ओडीओपी) के जरिये ही यूपी आज देश की एमएसएमई राजधानी बन चुका है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में ब्रिक्स व सहयोगी देशों के साथ प्रदेश का कुल निर्यात 5.36 बिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक हो चुका है। वाहन, पुर्जे, चमड़ा, फुटवियर, कालीन और औषधीय उत्पाद जैसे विविध सामान संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब, चीन, रूस और ब्राजील जैसे बड़े बाजारों में भेजे जा रहे हैं। अब तक 3.16 लाख से अधिक रोजगार सृजित हुए हैं।
इससे पहले एमएसएमई मंत्रालय के तत्वावधान में आयोजित ब्रिक्स एमएसएमई फोरम और वर्किंग ग्रुप की बैठक में वैश्विक आर्थिक विकास को गति देने के लिए महत्वपूर्ण मंथन हुआ। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय एमएसएमई सचिव भरत खेड़ा ने समावेशी और लचीली अर्थव्यवस्थाओं के निर्माण में एमएसएमई की केंद्रीय भूमिका को रेखांकित किया।
उन्होंने कहा कि एमएसएमई केवल आर्थिक इकाइयां नहीं हैं, बल्कि ये नवाचार, रोजगार, उद्यमिता और क्षेत्रीय विकास के असली इंजन हैं। जैसे-जैसे ब्रिक्स देशों का वैश्विक प्रभाव बढ़ रहा है, वैसे-वैसे तकनीक को अपनाने, टिकाऊ विनिर्माण, परिवर्तन, कौशल विकास और बाजार तक पहुंच जैसे क्षेत्रों में सहयोग की अपार संभावनाएं पैदा हो रही हैं। उन्होंने आपसी साझेदारी और नॉलेज शेयरिंग के जरिये प्रतिस्पर्धी और वैश्विक स्तर पर जुड़े एमएसएमई ईको सिस्टम के निर्माण पर जोर दिया।
एमएसएमई मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव और विकास आयुक्त डॉ. रजनीश ने ब्रिक्स एमएसएमई वर्किंग ग्रुप की बैठकों से निकले प्रमुख निष्कर्षों को प्रस्तुत किया। वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय की प्रधान आर्थिक सलाहकार योगिता स्वरूप ने उद्यमों के विकास के लिए नीतिगत समन्वय और सहायक ढांचे के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भविष्य का आर्थिक विकास नवाचार और चुस्त उद्यमों द्वारा संचालित होगा।
कार्यक्रम के दौरान भारत की उद्यमशीलता और सफलता की कहानियों को प्रदर्शित करने वाली एक विशेष एमएसएमई फिल्म भी दिखाई गई। इसके साथ ही एसोचैम के महासचिव सौरभ सान्याल ने ब्रिक्स सदस्य देशों के निजी क्षेत्र के हितधारकों के साथ हुए परामर्श के निष्कर्षों और सिफारिशों को साझा किया।
प्रदर्शनी में दिखे ब्रिक्स देशों के प्रयास
कार्यक्रम से पहले सचिव भरत खेड़ा ने ब्रिक्स एमएसएमई प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। प्रदर्शनी में विभिन्न ब्रिक्स देशों के बीच आपसी समन्वय को दर्शाने के लिए उनके प्रयासों काे प्रदर्शित किया गया। वहीं, अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में आयुष मंत्रालय, एमएसएमई मंत्रालय और एसोचैम के सहयोग से ब्रिक्स प्रतिनिधियों के लिए एक विशेष योग सत्र का भी आयोजन किया गया।
क्यूबा के प्रतिनिधि के नमस्ते और धन्यवाद पर बजीं तालियां
कार्यक्रम के दौरान क्यूबा के प्रतिनिधि ने करीब पांच मिनट का संबोधन दिया। पूरा संबोधन अंग्रेजी में रहा लेकिन अंत में उन्होंने मौजूद लोगों को हिंदी में नमस्ते और धन्यवाद कहकर संबोधित किया तो पूरा हॉल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।