फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सरकार ने सुनी बीमार बेटी के पिता की गुहार, पीजीआई लखनऊ में होगा निशुल्क उपचार

Tue, 25 Jun 2019 08:52 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
विज्ञापन
1 of 5
बीमार ललिता को लखनऊ ले जाती स्वास्थ्य टीम - फोटो : अमर उजाला
आगरा में गंभीर बीमारी एप्लास्टिक एनीमिया से जूझ रही ललिता के पिता की गुहार सरकार ने सुन ली है। अब उसका इलाज संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान (एसजीपीजीआई) लखनऊ में निशुल्क होगा। अब ऑपरेशन का खर्च शासन उठाएगा। सोमवार को सीएमओ ने ललिता को एंबुलेंस से संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान (एसजीपीजीआई) लखनऊ के लिए भेज दिया है। 
विज्ञापन

2 of 5
चारपाई पर लेटी बीमार बेटी पास में पीड़ित परिवार - फोटो : अमर उजाला
खंदौली के पुरा लोधी निवासी सुमेर सिंह को बेटी ललिता की बीमारी का पता 19 महीने पहले चला। इलाज के लिए अब तक सात लाख रुपये खर्च हो गए हैं। घर तक गिरवी रखना पड़ा है। जयपुर के सीएमएस अस्पताल में ललिता का इलाज चल रहा था। उसका बोनमेरा ट्रांसप्लांट होना है।
विज्ञापन

3 of 5
बीमार बेटी के पिता सुमेर सिंह - फोटो : अमर उजाला
डॉक्टरों ने ललिता के ऑपरेशन का खर्च करीब 10 लाख रुपये बताया था। पिता सुमेर के पास इतनी रकम नहीं है कि वो बेटी का इलाज करा पाए। उन्हें एटा सांसद राजवीर सिंह की मदद से परिवार को प्रधानमंत्री कार्यालय से तीन लाख रुपये की मदद मिली। लेकिन डॉक्टरों ने पूरी रकम मिलने के बाद ही ऑपरेशन करने बात कही। 

4 of 5
बीमार बेटी के पिता सुमेर सिंह और उसकी बहन - फोटो : ANI
बेटी को तड़पता देख पिता सुमेर सिंह ने फिर प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर मदद मांगी। उन्होंने गुहार लगाई कि बेटी के इलाज के लिए मदद की जाए। मदद न मिलने पर परिवार सहित इच्छामृत्यु की अनुमति दी जाए। इस पर अधिकारी हरकत में आए। सोमवार को पीड़ित परिवार जिलाधिकारी से मिला। उन्होंने एसएन मेडिकल कॉलेज भेज दिया। यहां प्राचार्य ने पर्चे देखकर उनको एसजीपीजीआई लखनऊ के लिए रेफर कर दिया। 
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
लखनऊ भेजने से पहले एंबुलेंस में मरीज की जांच करते सीएमओ डॉ. मुकेश कुमार वत्स - फोटो : अमर उजाला
जिलाधिकारी एनजी रवि कुमार के निर्देश पर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ मुकेश वत्स ने ललिता को एंबुलेंस से लखनऊ भेज दिया है। डॉ. मुकेश वत्स ने बताया कि इस बीमारी में रक्त बनना बंद हो जाता है। मरीज लखनऊ भेज दी है। इलाज का खर्च शासन उठाएगा। जिलाधिकारी ने शासन को जानकारी भेज दी है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें